गुड़ाबांदा में 7 किलोमीटर सड़क जर्जर, स्कूली बच्चों की परेशानी बढ़ी; ग्रामीणों को नए विधायक से उम्मीद

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गुड़ाबांदा: पूर्वी सिंहभूम जिले के गुड़ाबांदा प्रखंड में कासियाबेड़ा से जियान होते हुए महेशपुर गांव तक जाने वाली करीब सात किलोमीटर लंबी सड़क की बदहाली से ग्रामीण परेशान हैं। सड़क की स्थिति इतनी खराब है कि लोगों को पैदल चलने में भी कठिनाई होती है। ग्रामीणों के अनुसार, इस मार्ग से प्रतिदिन करीब 10 हजार लोगों का आवागमन होता है, लेकिन लंबे समय से मरम्मत और निर्माण नहीं होने के कारण लोगों की परेशानी बढ़ती जा रही है।

इस सड़क से सबसे अधिक परेशानी स्कूली बच्चों को हो रही है। आसपास के गांवों के बच्चों के लिए कुड़ियान स्थित स्कूल प्रमुख शैक्षणिक केंद्र है। ऐसे में बच्चों को प्रतिदिन जर्जर सड़क से होकर स्कूल जाना पड़ता है। खराब रास्ते के कारण दुर्घटना की आशंका भी बनी रहती है और मरीजों सहित अन्य लोगों को आवागमन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।

ग्रामीणों का कहना है कि सड़क निर्माण की मांग लंबे समय से उठाई जा रही है। पूर्व नक्सली कान्हू मुंडा के आत्मसमर्पण के समय भी यह मुद्दा प्रमुखता से सामने आया था। उनके जेल से रिहा होकर गांव लौटने के बाद भी सड़क की स्थिति में सुधार नहीं हुआ। स्थानीय लोगों के मुताबिक, पूर्व विधायक और मंत्री स्वर्गीय रामदास सोरेन ने कई बार सड़क निर्माण का आश्वासन दिया था, लेकिन काम पूरा नहीं हो सका।

अब उनके पुत्र सोमेश सोरेन के विधायक बनने के बाद ग्रामीणों को सड़क निर्माण की उम्मीद है। लोगों ने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से करीब सात किलोमीटर लंबी सड़क का जल्द निर्माण कराने की मांग की है, ताकि बच्चों, मरीजों और आम लोगों को राहत मिल सके।