रांची: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की प्रदेश कार्यसमिति की दो दिवसीय बैठक के दूसरे और अंतिम दिन रविवार को हेमंत सरकार के खिलाफ राजनीतिक प्रस्ताव पारित किया गया। सुकुरहट्टू स्थित हवेली बैंक्वेट हॉल में आयोजित बैठक में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने प्रस्ताव पेश किया। पूर्व मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन, मधु कोड़ा, विधायक सत्येंद्र नाथ तिवारी और मंजू कुमारी ने इसका अनुमोदन किया। प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू की अध्यक्षता में पारित प्रस्ताव में भाजपा ने राज्य सरकार पर भ्रष्टाचार, बेरोजगारी, वादाखिलाफी और बिगड़ती कानून-व्यवस्था को लेकर आरोप लगाए। पार्टी ने राज्य के सभी 595 सांगठनिक मंडलों में सरकार के खिलाफ आंदोलन करने की घोषणा की।


बैठक को राष्ट्रीय सह संगठन महामंत्री सौदान सिंह, प्रदेश संगठन महामंत्री पवन साय और प्रदेश प्रभारी गजेंद्र सिंह पटेल ने भी संबोधित किया। समापन सत्र में सौदान सिंह ने झारखंड के विकास की गति को लेकर चिंता जताई और कार्यकर्ताओं से गांव से शहर तक जनसमस्याओं को लेकर आंदोलन करने का आह्वान किया।
बैठक में प्रदेश कार्यसमिति की बैठक प्रत्येक तीन महीने में आयोजित करने का निर्णय लिया गया। राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने संगठन की संवैधानिक परंपराओं के अनुरूप नियमित बैठकें करने के निर्देश दिए। इससे पहले रांची में करीब तीन साल पूर्व नहीं, बल्कि जनवरी 2023 में देवघर में प्रदेश कार्यसमिति की बैठक हुई थी।
प्रदेश संगठन महामंत्री पवन साय ने बूथ स्तर पर संगठन मजबूत करने और प्रमंडल स्तर पर विशेष प्रभारियों की नियुक्ति कर उन्हें कम से कम सात दिनों तक क्षेत्र में प्रवास करने का निर्देश दिया। प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने जिला अध्यक्षों से स्थानीय मुद्दों पर सक्रियता बढ़ाने और केंद्र सरकार की योजनाओं को घर-घर तक पहुंचाने की अपील की।
बैठक में 26 अक्टूबर को महर्षि वाल्मीकि जयंती, 31 अक्टूबर को ‘रन फॉर यूनिटी’ और 15 नवंबर को ‘जनजातीय गौरव दिवस’ भव्य रूप से मनाने की तैयारी करने को कहा गया। प्रदेश प्रभारी गजेंद्र सिंह पटेल ने ‘विकसित भारत’ के संकल्प का उल्लेख करते हुए झारखंड में भाजपा की सरकार बनाने के लक्ष्य की बात कही।

