झारखंड न्यूज: ग्रामीण विकास विभाग में आउटसोर्सिंग के माध्यम से मानव संसाधन उपलब्ध कराने वाली एजेंसी Rider Security Services के खिलाफ सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। कर्मचारियों की शिकायतों के बाद विभाग ने एजेंसी से भविष्य निधि (पीएफ) जमा करने से संबंधित सभी अभिलेख तलब किए हैं। विभाग ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित समय सीमा के भीतर संतोषजनक जानकारी नहीं मिलने पर एजेंसी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।


जानकारी के अनुसार, ग्रामीण विकास विभाग और उसके क्षेत्रीय कार्यालयों में कंप्यूटर ऑपरेटर, सहायक कंप्यूटर ऑपरेटर और एमटीएस सहित एक हजार से अधिक कर्मचारी उक्त एजेंसी के माध्यम से कार्यरत हैं। कर्मचारियों का आरोप है कि पिछले चार से पांच वर्षों से उनके वेतन से पीएफ की राशि काटी जा रही है, लेकिन उसे संबंधित खाते में जमा नहीं किया गया है।
शिकायत मिलने के बाद विभाग ने पहले भी एजेंसी से इस संबंध में जानकारी मांगी थी। हालांकि, कंपनी द्वारा पीएफ जमा करने से जुड़े आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए गए। इसके बाद विभाग ने मामले को गंभीरता से लेते हुए एजेंसी के प्रबंध निदेशक को पत्र भेजकर जवाब मांगा है।
विभाग द्वारा जारी पत्र में एजेंसी को सात दिनों के भीतर पीएफ जमा करने का पूरा विवरण उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया है कि यदि निर्धारित अवधि में संतोषजनक जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई तो एजेंसी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी और उसके अनुबंध को समाप्त करने की प्रक्रिया भी शुरू की जा सकती है।
सरकार की इस पहल के बाद आउटसोर्सिंग कर्मचारियों में उम्मीद जगी है कि उनके पीएफ से जुड़ी समस्याओं का जल्द समाधान होगा। लंबे समय से लंबित राशि की स्थिति स्पष्ट होने और कर्मचारियों के हितों की रक्षा के लिए विभाग की कार्रवाई को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

