नेतरहाट को वैश्विक पहचान दिलाने की पहल, झारखंड सरकार ने जारी की पहली डिजिटल क्रिएटर गाइडलाइन

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रांची: झारखंड सरकार राज्य के पर्यटन स्थलों को डिजिटल माध्यम से देश-दुनिया तक पहुंचाने की दिशा में बड़ा कदम उठा रही है। इसी पहल के तहत राज्य की पहली डिजिटल क्रिएटर गाइडलाइन जारी की गई, जिसमें प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर नेतरहाट को विशेष फोकस में रखा गया है।

गाइडलाइन का अनावरण पर्यटन मंत्री सुदिव्य सोनू, विभागीय सचिव मुकेश कुमार समेत अन्य अधिकारियों की मौजूदगी में किया गया। इस पहल का उद्देश्य डिजिटल क्रिएटर्स और सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर्स के माध्यम से झारखंड की पर्यटन क्षमता को वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाना है।

पर्यटन मंत्री सुदिव्य सोनू ने कहा कि झारखंड की पहचान अब केवल खनिज संपदा तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि नेतरहाट जैसी प्राकृतिक धरोहरों को डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए दुनिया के सामने लाया जाएगा। उन्होंने कहा कि लंबे समय तक झारखंड को लेकर गलत धारणाएं बनाई गईं, लेकिन अब राज्य तेजी से बदल रहा है और इसकी वास्तविक खूबसूरती को दुनिया तक पहुंचाने की जरूरत है।

उन्होंने कहा कि नेतरहाट की वादियां, घने जंगल, शांत वातावरण, मनमोहक सूर्योदय और सूर्यास्त हर पर्यटक को आकर्षित करते हैं। सरकार चाहती है कि डिजिटल क्रिएटर और इंफ्लुएंसर इन खूबसूरत स्थलों का प्रचार-प्रसार करें ताकि अधिक से अधिक पर्यटक झारखंड की ओर आकर्षित हों।

मंत्री ने यह भी कहा कि जहां कई राज्यों में बाढ़ और लैंडस्लाइड जैसी प्राकृतिक समस्याएं पर्यटन को प्रभावित करती हैं, वहीं झारखंड विशेषकर नेतरहाट क्षेत्र प्राकृतिक रूप से सुरक्षित और हर मौसम में घूमने योग्य है। विंटर से लेकर मॉनसून तक यहां का मौसम और प्राकृतिक दृश्य पर्यटकों को खास अनुभव प्रदान करते हैं।

विभागीय सचिव मुकेश कुमार ने कहा कि पहली बार राज्य में डिजिटल क्रिएटर को एक संगठित मंच दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि नेतरहाट, सारंडा, बेतला और अन्य पर्यटन स्थलों की सकारात्मक और वास्तविक तस्वीर दुनिया तक पहुंचाने का यह सही समय है। उन्होंने डिजिटल क्रिएटर से अपील की कि वे किसी व्यक्तिगत एजेंडे के बजाय झारखंड के ब्रांड एम्बेसडर बनकर राज्य की संस्कृति, प्राकृतिक सुंदरता और पर्यटन संभावनाओं को वैश्विक पहचान दिलाने में सहयोग करें।