रांची: झारखंड के कई छोटे शहरों को गंदे पानी की समस्या से राहत मिलने की उम्मीद है। राज्य सरकार एक लाख से कम आबादी वाले 17 शहरों में सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) स्थापित करने की तैयारी कर रही है। स्वच्छ भारत मिशन 2.0 के तहत प्रस्तावित इस योजना की विभागीय प्रक्रिया अंतिम चरण में पहुंच गई है।


नगर विकास विभाग ने योजना का ड्राफ्ट तैयार कर लिया है। अब इसे अंतिम मंजूरी के लिए आगामी कैबिनेट बैठक में रखा जाएगा। चयनित 17 शहरों के लिए फिलहाल डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) तैयार की जा रही है। कैबिनेट से मंजूरी मिलने के बाद योजना को धरातल पर उतारने की प्रक्रिया शुरू होगी।
योजना के तहत राज्य में 700 नए व्यक्तिगत घरेलू शौचालय बनाने की भी तैयारी है। इसके अलावा 100 सामुदायिक और सार्वजनिक शौचालयों का निर्माण प्रस्तावित है। अधिकारियों के अनुसार कैबिनेट की मंजूरी मिलने के बाद अगले महीने टेंडर जारी किया जा सकता है।
STP बनने से छोटे शहरों में सीवेज का वैज्ञानिक तरीके से प्रबंधन हो सकेगा। घरों से निकलने वाले गंदे पानी को उपचारित करने के बाद ही आगे छोड़ा जाएगा। इससे नदियों और तालाबों में सीधे दूषित पानी जाने पर रोक लगाने में मदद मिलेगी।
सरकार को उम्मीद है कि योजना से शहरी स्वच्छता व्यवस्था मजबूत होगी, जल प्रदूषण कम होगा और पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा।

