लोहरदगा: कुड़ू में चक्रवाती तूफान का असर, बारिश और तेज हवाओं से धान की फसल गिरी; किसानों की बढ़ी चिंता

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कुड़ू (लोहरदगा): बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दबाव के बाद आए अर्नब चक्रवाती तूफान का असर कुड़ू प्रखंड में देखने को मिल रहा है। लगातार बारिश और तेज हवाओं के कारण खेतों में तैयार धान की फसल झुककर जमीन पर गिर गई है। खेतों में पानी जमा होने से धान की फसल को नुकसान पहुंचने की आशंका बढ़ गई है। इसके अलावा आलू, टमाटर, फरसबीन, फूलगोभी, बंदगोभी, धनिया पत्ती, कद्दू और विभिन्न प्रकार के साग की फसलें भी प्रभावित हो सकती हैं।

जानकारी के अनुसार, मंगलवार दोपहर से मौसम में बदलाव शुरू हुआ। बुधवार को दिनभर बारिश होती रही और देर रात इसकी रफ्तार तेज हो गई। गुरुवार को भी बारिश जारी रहने से तापमान में गिरावट आई और ठंड बढ़ गई। लगातार जलजमाव के कारण धान और सब्जियों के सड़ने तथा उत्पादन प्रभावित होने का खतरा बना हुआ है। हालांकि, सरसों, चना और मूंग की फसलों को बारिश से लाभ मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। क्षेत्र की नदियों और कुओं का जलस्तर भी बढ़ने की सूचना है।

कुड़ू के अंचल अधिकारी संतोष उरांव ने बताया कि प्रखंड में मकान ध्वस्त होने या पेड़ गिरने से बड़े नुकसान की सूचना नहीं मिली है। हालांकि, धान और सब्जियों की फसलों को आंशिक क्षति होने की आशंका है।

उन्होंने संबंधित अधिकारियों और कर्मियों को मौसम साफ होने तक पंचायतों में निगरानी रखने तथा फसल क्षति की रिपोर्ट प्रखंड सह अंचल कार्यालय को उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है। किसान एतवा उरांव, बुधराम उरांव, राजा बैठा, मुन्ना बैठा और कबीर अंसारी सहित अन्य किसान खेतों में फसल गिरने और जलजमाव से परेशान हैं।