गढ़वा: मंडल डैम परियोजना से प्रभावित कुटकू विस्थापितों ने मंगलवार से जिला समाहरणालय के समक्ष अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया। चेमो सनैया सहित डूब क्षेत्र के कई गांवों से सैकड़ों ग्रामीण रैली निकालकर जिला मुख्यालय पहुंचे और पुनर्वास नीति के विरोध में प्रदर्शन किया।


धरने पर बैठे ग्रामीणों का कहना है कि वे विकास या मंडल डैम परियोजना के विरोधी नहीं हैं, लेकिन अपनी पुश्तैनी जमीन और गांव छोड़ने को तैयार नहीं हैं। उनका कहना है कि उनके पूर्वजों का जीवन और इतिहास इस भूमि से जुड़ा है, इसलिए वे किसी भी परिस्थिति में अपने गांव से विस्थापन स्वीकार नहीं करेंगे।
धरना स्थल पर वक्ताओं ने कहा कि सरकार एक ओर अमर शहीद नीलांबर-पीतांबर के गांव को धरोहर बताती है, वहीं दूसरी ओर मंडल डैम परियोजना के कारण उसी ऐतिहासिक विरासत के अस्तित्व पर संकट खड़ा हो रहा है। उनका कहना है कि विकास के नाम पर शहीदों की विरासत को समाप्त करना स्वीकार्य नहीं है।
प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन से पुनर्वास नीति पर पुनर्विचार करने और उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय लेने की अपील की। ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि जब तक उनकी मांगों का समाधान नहीं होगा, तब तक उनका अनिश्चितकालीन धरना जारी रहेगा।

