सरायकेला न्यूज: सरायकेला नगर क्षेत्र में गहराते पेयजल संकट के बीच पेयजल एवं स्वच्छता विभाग (पीएचईडी) की गंभीर लापरवाही उजागर हुई है। गुरुवार को नगर पंचायत अध्यक्ष Manoj Kumar Chaudhary के नेतृत्व में जूडको, पीएचईडी और नगर पंचायत की संयुक्त टीम ने वाटर ट्रीटमेंट प्लांट (डब्ल्यूटीपी) का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान तकनीकी खामियां, सुरक्षा मानकों की अनदेखी और वर्षों से रखरखाव नहीं होने जैसी कई गंभीर कमियां सामने आईं।


नगर पंचायत अध्यक्ष मनोज कुमार चौधरी ने बताया कि दक्षिण पूर्व रेलवे की जेडआरयूसीसी बैठक में भाग लेने के लिए उनके कोलकाता प्रवास के दौरान वाटर ट्रीटमेंट प्लांट की मुख्य मोटर तकनीकी खराबी के कारण जल गई थी। इसके बाद पूरे शहरी क्षेत्र की जलापूर्ति प्रभावित हो गई और लोगों को पेयजल संकट का सामना करना पड़ा। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए संयुक्त निरीक्षण कराया गया।
निरीक्षण में पाया गया कि मुख्य मोटर और अन्य विद्युत उपकरणों के खराब होने का प्रमुख कारण स्विच पैनल, रिले और सुरक्षा उपकरणों की खराब स्थिति थी। टीम के अनुसार लंबे समय से नियमित रखरखाव नहीं होने और तकनीकी मानकों का पालन नहीं किए जाने के कारण यह स्थिति उत्पन्न हुई। जांच में यह भी सामने आया कि 5 एमएलडी क्षमता वाली जलापूर्ति प्रणाली वर्तमान में केवल 2 एमएलडी पानी की आपूर्ति कर रही है, जिससे शहरवासियों को लगातार जल संकट झेलना पड़ रहा है।
संयुक्त टीम ने यह भी पाया कि वाटर ट्रीटमेंट प्लांट के स्थानांतरण और निर्बाध जलापूर्ति सुनिश्चित करने के लिए जुस्को पावर कनेक्शन जैसी महत्वपूर्ण परियोजनाएं अब तक लंबित हैं। इस पर नाराजगी जताते हुए संबंधित विभागों को शीघ्र कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
निरीक्षण के बाद पीएचईडी के कार्यपालक अभियंता को सुरक्षा उपकरणों की तत्काल बहाली, नियमित रखरखाव शुरू करने तथा भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस कार्ययोजना तैयार करने का निर्देश दिया गया। नगर पंचायत अध्यक्ष ने कहा कि पेयजल जैसी बुनियादी सुविधा में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और नगरवासियों को नियमित एवं पर्याप्त पेयजल उपलब्ध कराना सर्वोच्च प्राथमिकता है।
निरीक्षण के दौरान नगर पंचायत उपाध्यक्ष अविनाश कवि, वार्ड पार्षद गौतम नायक, विक्रम मोदक सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।

