पेरिस/नई दिल्ली: प्रधानमंत्री Narendra Modi जी-7 शिखर सम्मेलन में भाग लेने के बाद फ्रांस की राजधानी Paris पहुंच गए हैं। पेरिस पहुंचने पर भारतीय समुदाय के लोगों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। अपने दौरे के दौरान प्रधानमंत्री मोदी फ्रांस के राष्ट्रपति Emmanuel Macronके साथ VivaTech 2026 कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे, जहां वैश्विक मंच पर भारत की तकनीकी क्षमता, नवाचार और स्टार्टअप इकोसिस्टम का प्रदर्शन किया जाएगा।


इस वर्ष आयोजित होने वाले VivaTech 2026 में भारत की विशेष उपस्थिति देखने को मिलेगी। कार्यक्रम में भारत का अब तक का सबसे बड़ा नेशनल पवेलियन स्थापित किया जा रहा है। यूरोप के प्रमुख प्रौद्योगिकी और नवाचार मंचों में शामिल विवाटेक में भारत की मजबूत भागीदारी को भारत और यूरोप के स्टार्टअप तथा नवाचार तंत्र के बीच बढ़ते सहयोग का प्रतीक माना जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे दोनों देशों के बीच तकनीक, निवेश और व्यापार से जुड़े संबंधों को नई गति मिलेगी।
फ्रांस में भारतीय समुदाय की भूमिका भी लगातार मजबूत होती जा रही है। मुख्य भूमि फ्रांस में करीब 1.19 लाख भारतीय निवास करते हैं, जबकि फ्रांस के विदेशी क्षेत्रों में 3.50 लाख से अधिक भारतीय मूल के लोग रहते हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने भारतीय समुदाय की सराहना करते हुए उन्हें भारत और फ्रांस के बीच संबंधों को मजबूत करने वाली महत्वपूर्ण कड़ी बताया।
पेरिस रवाना होने से पहले प्रधानमंत्री मोदी ने जी-7 शिखर सम्मेलन को उपयोगी और सकारात्मक बताया। सम्मेलन के दौरान उन्होंने ग्लोबल साउथ, पश्चिम एशिया संकट के प्रभाव, व्यापार, निवेश और कनेक्टिविटी जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की। इस दौरान उनकी मुलाकात अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump, यूक्रेन के राष्ट्रपति Volodymyr Zelenskyy, ब्रिटेन के प्रधानमंत्री Keir Starmer, यूएई के राष्ट्रपति तथा अन्य वैश्विक नेताओं से भी हुई।
भारत और फ्रांस के बीच रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत बनाने के उद्देश्य से यह दौरा महत्वपूर्ण माना जा रहा है। उम्मीद की जा रही है कि विवाटेक 2026 में भारत की सक्रिय भागीदारी वैश्विक तकनीकी और नवाचार क्षेत्र में देश की बढ़ती भूमिका को और मजबूत करेगी।

