जमशेदपुर: पोटका विधायक संजय सरदार ने बुधवार को प्रशासनिक अधिकारियों और मेला समिति के पदाधिकारियों के साथ मुक्तेश्वर धाम हरिना में आयोजित होने वाले पांच दिवसीय धार्मिक मेले की तैयारियों का निरीक्षण किया। 15 जून से राजा संक्रांति (रजो संक्रांति) के अवसर पर शुरू होने वाले इस मेले में झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। विधायक ने मंदिर और मेला परिसर का दौरा कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया तथा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।


निरीक्षण के दौरान आयोजित समीक्षा बैठक में मेला प्रबंधन, विधि-व्यवस्था, यातायात नियंत्रण, पेयजल, स्वास्थ्य सेवाएं, बिजली आपूर्ति और स्वच्छता व्यवस्था को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। विधायक संजीव सरदार ने कहा कि हरिना मेला क्षेत्र की आस्था और संस्कृति का प्रतीक है, इसलिए सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें और श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न होने दें।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में राज्य सरकार हरिना को एक प्रमुख पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए करोड़ों रुपये खर्च कर रही है। साथ ही, हरिना मेले को राज्य स्तरीय मेले का दर्जा दिलाने की दिशा में भी प्रयास जारी हैं। विधायक ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधाएं सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।
विधायक ने कहा कि हरिना मेला केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि क्षेत्र की सांस्कृतिक विरासत और सामाजिक एकता का प्रतीक भी है। उन्होंने मेला समिति और प्रशासन से सेवा भाव के साथ कार्य करने का आह्वान करते हुए कहा कि बेहतर प्रबंधन और जनसहयोग से इस आयोजन को पहले से अधिक भव्य, सुव्यवस्थित और ऐतिहासिक बनाया जाएगा।
वहीं, मुसाबनी डीएसपी रोहित कुमार राजवार ने बताया कि मेले के शांतिपूर्ण और सफल आयोजन के लिए प्रशासन पूरी तरह तैयार है। ग्रामीणों की मांग पर मेले के दौरान शराब पर पूर्ण प्रतिबंध लागू रहेगा। इसके अलावा बाइक स्टंट, तेज रफ्तार वाहन चलाने और उपद्रवियों के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जाएगा।
सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की जाएगी तथा पूरे मेला क्षेत्र में 24 घंटे निगरानी रखी जाएगी। प्रशासन ने श्रद्धालुओं से भी सहयोग करने और निर्धारित नियमों का पालन करने की अपील की है, ताकि मेला शांतिपूर्ण और सुरक्षित वातावरण में संपन्न हो सके।

