पश्चिमी सिंहभूम दहेज हत्या मामला: करीब छह साल बाद दो भाइयों को उम्रकैद की सजा

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चाईबासा: पश्चिमी सिंहभूम जिले के मझगांव थाना क्षेत्र में वर्ष 2020 में हुई दहेज हत्या के मामले में अदालत ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। लगभग छह वर्षों तक चली सुनवाई के बाद चाईबासा की अदालत ने महिला की हत्या के दोषी पाए गए दो भाइयों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही दोनों दोषियों पर 10-10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।

जानकारी के अनुसार, 29 नवंबर 2020 को मझगांव थाना में शहजहां परवीन की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के संबंध में प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। मृतका के परिजनों ने आरोप लगाया था कि दहेज की मांग को लेकर उसे लगातार प्रताड़ित किया जाता था और बाद में उसकी गला दबाकर हत्या कर दी गई।

इस मामले में मृतका के पति शोएब उर्फ शेफ तथा उसके भाई मो. मेराज को आरोपी बनाया गया था। मामला दर्ज होने के बाद चाईबासा पुलिस ने जांच शुरू की और दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया। पुलिस ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए तथा वैज्ञानिक तरीके से जांच पूरी करते हुए अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया।

सुनवाई के दौरान अदालत में प्रस्तुत गवाहों के बयान और अन्य साक्ष्यों के आधार पर दोनों आरोपियों के खिलाफ हत्या और दहेज प्रताड़ना से जुड़े आरोप सिद्ध पाए गए। इसके बाद पश्चिमी सिंहभूम के जिला एवं अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश-प्रथम की अदालत ने बुधवार को दोनों दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई।

करीब छह वर्षों बाद आए इस फैसले से मृतका के परिजनों को न्याय मिलने की उम्मीद पूरी हुई है। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि गंभीर अपराधों में मजबूत साक्ष्य और वैज्ञानिक जांच के माध्यम से दोषियों को कानून के दायरे में लाने में सफलता मिल रही है।

यह फैसला दहेज प्रथा और महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराधों के मामलों में न्यायिक प्रक्रिया की गंभीरता को भी दर्शाता है तथा समाज को एक सख्त संदेश देता है कि ऐसे अपराधों में दोषियों के खिलाफ कानून के तहत कठोर कार्रवाई की जाएगी।