CCL के बेदखली नोटिस के खिलाफ ग्रामीणों का बिगुल, पुनर्वास से पहले घर खाली नहीं करने का ऐलान

Spread the love

रामगढ़: रामगढ़ के बरका सयाल क्षेत्र स्थित भुरकुंडा की सुंदा बस्ती में सीसीएल द्वारा मकान खाली करने के लिए जारी किए गए नोटिस के विरोध में ग्रामीणों की आपात बैठक आयोजित की गई। सुंदा काली मंदिर परिसर में हुई इस बैठक में बड़ी संख्या में महिला और पुरुष ग्रामीण शामिल हुए तथा सीसीएल प्रबंधन के फैसले का विरोध किया।

बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि सोमवार को सुंदा डी परियोजना के आधिकारिक कार्यालय के समक्ष एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। ग्रामीणों का कहना है कि बिना उचित पुनर्वास और वैकल्पिक व्यवस्था के घर खाली करने का नोटिस देना पूरी तरह अन्यायपूर्ण है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जब तक पुनर्वास की व्यवस्था नहीं की जाती, तब तक कोई भी परिवार अपना घर खाली नहीं करेगा।

ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं की गई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। उन्होंने कहा कि वर्षों से बसे लोगों को बिना वैकल्पिक व्यवस्था के हटाना उनके अधिकारों का उल्लंघन है।

बैठक की अध्यक्षता मिथुन कुमार ने की, जबकि संचालन शशिकांत प्रसाद ने किया। इस दौरान विनोद कुमार, विक्रांत साव, अशोक बाउरी, पवन कुमार, पिंटू कुमार, सचिन बाउरी, अरविंद प्रसाद, लक्ष्मी देवी, चिंता देवी, सरिता देवी, पूजा कुमारी सहित सैकड़ों ग्रामीण उपस्थित रहे। सभी ने एकजुट होकर अपने अधिकारों की रक्षा के लिए आंदोलन जारी रखने का संकल्प लिया।

ग्रामीणों ने प्रशासन और सीसीएल प्रबंधन से मांग की कि पहले सभी प्रभावित परिवारों का उचित पुनर्वास सुनिश्चित किया जाए, उसके बाद ही किसी प्रकार की बेदखली की कार्रवाई की जाए।