रांची: CRPF जवान की मौत के मामले में कथित निवेश योजना का खुलासा, 60% सालाना मुनाफे का दिया गया था भरोसा

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रांची: तिरिल स्थित सीआरपीएफ कैंप में 27 सितंबर 2026 को जवान भुवनेश्वर पाल की मौत के मामले में विभागीय जांच के दौरान कथित निवेश योजना से जुड़े कई तथ्य सामने आने का दावा किया गया है। इस संबंध में सीआरपीएफ कैंप तिरिल में सीटीसी टी एंड आईटी (को-एड सीटीओ) के उप प्राचार्य बृजेश कुमार दुबे ने विधानसभा थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई है। इसमें हवलदार योगेश चंद्र उरांव, उनकी पत्नी पूनम कुमारी, रोशन उरांव समेत अन्य लोगों को आरोपी बनाया गया है। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

शिकायत के अनुसार, योगेश चंद्र उरांव और उनकी पत्नी पर कथित निवेश योजना के नाम पर लोगों से रुपये लेने का आरोप है। जांच में सीआरपीएफ, बीएसएफ और सेना के जवानों समेत 14 लोगों से 20 से 25 लाख रुपये तक लिए जाने की जानकारी सामने आने का दावा किया गया है। आरोप है कि निवेशकों को मेसर्स रीपाकेल कंस्ट्रक्शन डेवलपमेंट प्राइवेट लिमिटेड में निवेश पर करीब 60 प्रतिशत सालाना लाभ देने का भरोसा दिलाया गया था। शिकायत में रोशन उरांव को कंपनी का सीईओ और संस्थापक बताया गया है।

प्राथमिकी के मुताबिक, मृतक भुवनेश्वर पाल ने कथित तौर पर 15 लाख रुपये का व्यक्तिगत ऋण लेकर रोशन उरांव के खाते में जमा किए थे। इसके अलावा उन्होंने भविष्य निधि से करीब 9.8 लाख रुपये निकाले थे, जिनमें से नौ लाख रुपये पूनम कुमारी के खाते में ट्रांसफर किए जाने की बात कही गई है। शिकायतकर्ता ने निवेश पर इतने अधिक लाभ के दावे को संदिग्ध बताया है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि और जांच के निष्कर्ष सामने आना बाकी है।

विभागीय जांच में यह भी सामने आने का दावा किया गया है कि योगेश चंद्र उरांव तीन अक्टूबर को अपने रिश्तेदार जीतवाहन उरांव के साथ कैंप से चले गए थे और चार अक्टूबर से बिना अनुमति अनुपस्थित थे। उन्होंने 30 सितंबर को सीआरपीएफ मुख्यालय में स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (वीआरएस) के लिए आवेदन भी दिया था, लेकिन कथित संलिप्तता सामने आने के बाद आवेदन को मंजूरी नहीं दी गई।

पुलिस अब कथित निवेश योजना, कंपनी की भूमिका, पैसों के लेन-देन और अन्य संबंधित लोगों की संभावित संलिप्तता की जांच कर रही है। मामले में आरोपियों की जिम्मेदारी और जवान की मौत से कथित निवेश योजना के संबंध की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।