टाटा मोटर्स अगले 5 वर्षों में ₹2.6 लाख करोड़ करेगी निवेश, ईवी और नई तकनीक पर रहेगा फोकस

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नई दिल्ली: टाटा मोटर्स और उसकी लग्जरी वाहन इकाई जेएलआर (जगुआर लैंड रोवर) अगले पांच वर्षों में ऑटोमोबाइल कारोबार के विस्तार के लिए लगभग 2.6 लाख करोड़ रुपये का निवेश करेंगी। कंपनी के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन ने वार्षिक आम बैठक (एजीएम) में इसकी जानकारी देते हुए कहा कि निवेश का मुख्य फोकस इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी), नई तकनीक, उत्पादन क्षमता में वृद्धि और भविष्य की मोबिलिटी पर रहेगा।

उन्होंने बताया कि टाटा मोटर्स भारत में अगले पांच वर्षों के दौरान करीब 40 हजार करोड़ रुपये का पूंजी निवेश करेगी। इस निवेश का उपयोग नए वाहनों के विकास, इलेक्ट्रिक वाहनों के पोर्टफोलियो के विस्तार, उत्पादन क्षमता बढ़ाने तथा यात्री और वाणिज्यिक वाहनों में आधुनिक तकनीकों को शामिल करने के लिए किया जाएगा। कंपनी ने भारतीय यात्री वाहन बाजार में 20 प्रतिशत हिस्सेदारी हासिल करने का लक्ष्य भी निर्धारित किया है। इसके तहत छह नए मॉडल और मौजूदा मॉडलों के नए संस्करण लॉन्च किए जाएंगे।

वहीं, जेएलआर अपनी ‘रीइमैजिन’ रणनीति के तहत अगले पांच वर्षों में करीब 20 बिलियन पाउंड (लगभग 2.2 लाख करोड़ रुपये) का निवेश करेगी। यह राशि इलेक्ट्रिक वाहनों के विकास, विनिर्माण संयंत्रों के आधुनिकीकरण और नई उत्पादन तकनीकों को अपनाने पर खर्च की जाएगी। कंपनी रेंज रोवर और जगुआर के नए इलेक्ट्रिक मॉडल भी बाजार में उतारने की तैयारी कर रही है। इसके अलावा कनेक्टेड कार, सॉफ्टवेयर आधारित वाहन और एडवांस्ड ड्राइवर असिस्टेंस सिस्टम जैसी अत्याधुनिक तकनीकों पर भी विशेष जोर दिया जाएगा।

एन. चंद्रशेखरन ने कहा कि यह निवेश समूह की दीर्घकालिक रणनीति का हिस्सा है। इसका उद्देश्य वर्ष 2030 तक भारत और वैश्विक बाजारों के लिए अधिक प्रतिस्पर्धी, तकनीक आधारित और इलेक्ट्रिक वाहन पोर्टफोलियो तैयार करना है। उन्होंने कहा कि लागत संबंधी चुनौतियों के बावजूद कंपनी नियंत्रित निवेश, बेहतर नकदी प्रवाह और सतत विकास की दिशा में आगे बढ़ती रहेगी।