जमशेदपुर:
जमशेदपुर स्थित एक्सएलआरआई (Xavier School of Management) और अडविया इंस्टीट्यूट ऑफ कोचिंग एंड मेंटरिंग (Adviya IOCM) ने मिलकर कोचिंग और मेंटरिंग के क्षेत्र में ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ (CoE) स्थापित करने की घोषणा की है। इस पहल का उद्देश्य आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के दौर में मानव-केंद्रित नेतृत्व (Human-Centred Leadership) को बढ़ावा देना है।


यह गैर-व्यावसायिक सेंटर शोध, शिक्षा और विचार नेतृत्व (Thought Leadership) के लिए एक मंच के रूप में कार्य करेगा। इसका लक्ष्य नेतृत्व विकास को नैतिक, मानवीय और व्यवहारिक दृष्टिकोण से मजबूत करना है, ताकि बदलते समय में संस्थाएं बेहतर तरीके से चुनौतियों का सामना कर सकें।
इस साझेदारी के तहत शैक्षणिक शोध और व्यावहारिक अनुभव को जोड़कर ऐसे मॉडल विकसित किए जाएंगे, जो व्यक्तियों और संगठनों को जटिल परिस्थितियों में बेहतर निर्णय लेने, अनुकूलन क्षमता बढ़ाने और स्थायी नेतृत्व संस्कृति विकसित करने में मदद करें।
सेंटर के अंतर्गत एप्लाइड रिसर्च, एग्जीक्यूटिव एजुकेशन, प्रोफेशनल ट्रेनिंग, पॉलिसी एडवाइजरी और लीडरशिप डेवलपमेंट जैसे कई क्षेत्रों में कार्य किया जाएगा। इसके साथ ही कोचिंग और मेंटरिंग से जुड़े प्रशिक्षण कार्यक्रम, वर्कशॉप, सेमिनार, कॉन्फ्रेंस, व्हाइट पेपर और केस स्टडी भी आयोजित किए जाएंगे।
एक्सएलआरआई के निदेशक डॉ. (फादर) जॉर्ज सेबास्टियन ने कहा कि यह सेंटर संस्थान की नेतृत्व विकास के प्रति प्रतिबद्धता को और मजबूत करेगा। उन्होंने विश्वास जताया कि यह सहयोग वर्तमान समय की नेतृत्व संबंधी चुनौतियों का समाधान खोजने में सहायक होगा।
अडविया IOCM की संस्थापक निदेशक डॉ. रुपिंदर कौर ने कहा कि यह साझेदारी एक ऐसा मंच तैयार करेगी, जहां शिक्षाविद और प्रैक्टिशनर्स मिलकर ज्ञान का सृजन करेंगे और उसे व्यावहारिक रूप देंगे।
वहीं, डॉ. साई भार्गवी ने इस पहल को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि मानव-केंद्रित दृष्टिकोण नेताओं और टीमों को बदलाव के दौर में लचीलापन, अनुकूलन क्षमता और उद्देश्य के साथ आगे बढ़ने में मदद करेगा।
यह सहयोग एक्सएलआरआई की जिम्मेदार नेतृत्व, एग्जीक्यूटिव लर्निंग और संस्थागत विकास की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

