सरायकेला-खरसावां जिले के कुचाई प्रखंड में ‘ब्राउन टू ग्रीन कैंपेन’ के तहत किसानों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। अधिकार संगठन के जिला सचिव एवं सदस्यों ने प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) को 500 इच्छुक किसानों की सूची के साथ एक अनुरोध पत्र सौंपा है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य धान की कटाई के बाद खाली पड़े खेतों में दलहन फसलों की खेती को बढ़ावा देना है, जिससे किसानों की आय में वृद्धि के साथ-साथ भूमि की उर्वरता भी सुधर सके।


संगठन के अनुसार मूंग, उड़द और मसूर जैसी दलहन फसलें मिट्टी में प्राकृतिक रूप से नाइट्रोजन की मात्रा बढ़ाती हैं, जिससे रासायनिक खाद पर निर्भरता कम होती है और खेती अधिक टिकाऊ बनती है। जिला सचिव ने कहा कि धान के बाद खेतों को खाली छोड़ना किसानों के लिए नुकसानदायक है, जबकि उन्हीं खेतों में दलहन की खेती से अतिरिक्त आय का स्रोत तैयार किया जा सकता है।
संगठन ने प्रशासन से किसानों को बीज, तकनीकी मार्गदर्शन और अन्य आवश्यक सरकारी सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है। उन्होंने उम्मीद जताई कि प्रशासन के सहयोग से कुचाई में यह पहल एक मॉडल के रूप में स्थापित होगी और पूरे जिले में “धान के बाद दलहन” का संदेश फैलाया जा सकेगा। इस मौके पर संगठन के जिला सचिव डाबुआ समेत कई सदस्य उपस्थित रहे।

