पश्चिम बंगाल की राजनीति में Trinamool Congress (TMC) के भीतर बढ़ती अंदरूनी कलह ने नया राजनीतिक संकट खड़ा कर दिया है। हालिया चुनावी झटकों और संगठनात्मक चुनौतियों के बीच पार्टी नेतृत्व को लेकर सवाल उठने लगे हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि सत्ता और संगठन दोनों स्तरों पर बढ़ता असंतोष TMC के लिए परेशानी का कारण बनता जा रहा है।


रिपोर्ट के अनुसार पार्टी के अंदर आत्ममंथन की कमी, नेतृत्व पर अत्यधिक निर्भरता और संगठनात्मक कमजोरी को इस संकट की प्रमुख वजह माना जा रहा है। चुनावी हार के बाद कई नेताओं ने खुलकर नेतृत्व की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं, वहीं कुछ इलाकों से इस्तीफों और असंतोष की खबरें भी सामने आई हैं।
राजनीतिक जानकारों के अनुसार, मुख्यमंत्री Mamata Banerjee और पार्टी के वरिष्ठ नेता Abhishek Banerjee के सामने अब पार्टी को एकजुट बनाए रखने की बड़ी चुनौती है। दूसरी ओर विपक्ष लगातार TMC पर भ्रष्टाचार, संगठनात्मक विफलता और जनाधार कमजोर होने के आरोप लगा रहा है।
आने वाले समय में पार्टी इस संकट से कैसे उबरती है, इस पर पूरे राज्य की नजर टिकी हुई है।

