झारखंड: राज्य की जेलों में अवैध वसूली के आरोपों से बढ़ी चिंता, निष्पक्ष जांच की मांग तेज

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झारखंड की विभिन्न जेलों में बंदियों और उनके परिजनों से कथित अवैध वसूली के आरोपों ने जेल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आरोप है कि मुलाकात, सामान पहुंचाने, बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने और इलाज के नाम पर बंदियों से पैसे वसूले जा रहे हैं। हालांकि इन दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन लगातार सामने आ रही शिकायतों ने जेल व्यवस्था की पारदर्शिता और जवाबदेही को लेकर बहस तेज कर दी है। हाल के दिनों में Medininagar केंद्रीय कारागार का एक वीडियो वायरल होने के बाद यह मुद्दा फिर चर्चा में आया। इसके अलावा Hazaribagh जेल से जुड़ी शिकायतें भी सामने आई थीं। अब Koderma मंडल कारा के एक बंदी द्वारा उपायुक्त, पुलिस अधीक्षक, जेल आईजी और मानवाधिकार आयोग को पत्र भेजकर जेल अधिकारियों पर अवैध वसूली के आरोप लगाए गए हैं। बंदी का दावा है कि मुलाकात, इलाज और अन्य सुविधाओं के लिए पैसे मांगे जाते हैं। वहीं Dhanbad और Hotwar जेलों को लेकर भी समय-समय पर विवाद सामने आते रहे हैं। इन घटनाओं के बाद सामाजिक संगठनों और मानवाधिकार कार्यकर्ताओं ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। उनका कहना है कि जिन जेलों के खिलाफ शिकायतें मिली हैं, उनकी जांच रिपोर्ट सार्वजनिक की जानी चाहिए और यदि कोई अधिकारी या कर्मचारी दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। विशेषज्ञों का मानना है कि जेल केवल बंदियों को रखने का स्थान नहीं, बल्कि उनके सुधार और पुनर्वास का भी केंद्र है। ऐसे में बुनियादी सुविधाओं के लिए भी अवैध वसूली के आरोप सामने आना गंभीर चिंता का विषय है। फिलहाल इन आरोपों पर जेल प्रशासन की विस्तृत प्रतिक्रिया का इंतजार किया जा रहा है, जबकि जेल व्यवस्था में सुधार, पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग लगातार जोर पकड़ रही है।