भारत-बांग्लादेश सीमा पर अवैध घुसपैठ को लेकर बढ़ा विवाद, BSF-BGB बैठक पर टिकी निगाहें

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भारत और बांग्लादेश के बीच अवैध प्रवासियों का मुद्दा एक बार फिर चर्चा के केंद्र में आ गया है। बांग्लादेश ने आरोप लगाया है कि भारतीय सुरक्षा बल कुछ लोगों को उसकी सीमा में भेजने की कोशिश कर रहे हैं। हालांकि भारत की ओर से इन आरोपों पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। इस विवाद ने सीमा सुरक्षा, नागरिकता सत्यापन और दोनों देशों के बीच हुए द्विपक्षीय समझौतों को लेकर नई बहस छेड़ दी है।

बॉर्डर गार्ड बांग्लादेश (BGB) के अनुसार, पिछले 24 घंटों के दौरान सीमा के विभिन्न हिस्सों में लोगों को बांग्लादेश की ओर भेजने के कई प्रयास किए गए, जिन्हें सुरक्षा बलों ने विफल कर दिया। BGB का कहना है कि सीमा पर लगातार निगरानी रखी जा रही है और किसी भी व्यक्ति को अवैध रूप से प्रवेश नहीं करने दिया जाएगा। वहीं विशेषज्ञों का मानना है कि लगभग 4,000 किलोमीटर लंबी भारत-बांग्लादेश सीमा, जो नदियों, जंगलों और दुर्गम इलाकों से होकर गुजरती है, उसकी निगरानी दोनों देशों के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई है।

बांग्लादेश ने जोर देकर कहा है कि सीमा प्रबंधन से जुड़े सभी मामलों में अंतरराष्ट्रीय नियमों और द्विपक्षीय समझौतों का पूरी तरह पालन होना चाहिए। अधिकारियों का कहना है कि यदि किसी व्यक्ति की नागरिकता को लेकर विवाद होता है, तो उसका समाधान कानूनी और कूटनीतिक प्रक्रियाओं के माध्यम से किया जाना चाहिए। इसी बीच, भारत द्वारा 2,860 से अधिक संदिग्ध बांग्लादेशी नागरिकों की राष्ट्रीयता सत्यापित करने के लिए किए गए अनुरोध का मुद्दा भी फिर चर्चा में है। दोनों देशों की सुरक्षा एजेंसियों और राजनयिक अधिकारियों के बीच बातचीत जारी है, जबकि 8 से 11 जून के बीच होने वाली BSF और BGB के महानिदेशक स्तर की बैठक पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं। इस बैठक में अवैध प्रवासन, घुसपैठ, नागरिकता सत्यापन और सीमा प्रबंधन जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है।