पाकुड़ न्यायालय के समीप शनिवार को भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) [CPI(M)] ने महंगाई, बेरोजगारी, बिजली संकट और अन्य जनसमस्याओं को लेकर धरना-प्रदर्शन एवं नुक्कड़ सभा का आयोजन किया। इस कार्यक्रम में महिला, किसान और छात्र संगठनों के कार्यकर्ताओं ने बड़ी संख्या में भाग लेते हुए सरकार के खिलाफ विरोध जताया। सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने बढ़ती महंगाई, शिक्षकों की कमी, स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली और किसानों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया। पार्टी के जिला सचिव गोपीन सोरेन ने कहा कि रसोई गैस, पेट्रोल और डीजल की लगातार बढ़ती कीमतों ने आम जनता और किसानों की परेशानियां बढ़ा दी हैं, जिसका सीधा असर गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों पर पड़ रहा है।


प्रदर्शन के बाद पार्टी प्रतिनिधिमंडल ने उपायुक्त को 13 सूत्री मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में नियमित बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने, रोजगार के अवसर बढ़ाने, किसानों को सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने, सरकारी अस्पतालों में चिकित्सकों की नियुक्ति करने तथा महंगाई पर प्रभावी नियंत्रण के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की गई। CPI(M) नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि जनसमस्याओं के समाधान की दिशा में शीघ्र पहल नहीं की गई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। उन्होंने प्रशासन से आम जनता से जुड़े मुद्दों पर गंभीरता से विचार कर त्वरित कार्रवाई करने की मांग की।

