मोटर वाहन निरीक्षक (एमवीआई) नियुक्ति मामले में नियुक्ति पत्र जारी नहीं किए जाने को लेकर दायर अवमानना याचिकाओं की सुनवाई के दौरान झारखंड हाईकोर्ट ने राज्य सरकार के प्रति कड़ा रुख अपनाया है। अदालत के निर्देश पर राज्य के परिवहन आयुक्त व्यक्तिगत रूप से न्यायालय में उपस्थित हुए।


सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से अदालत को बताया गया कि नियुक्ति से संबंधित मामला फिलहाल कैबिनेट की स्वीकृति के लिए लंबित है और प्रक्रिया पूरी करने के लिए अतिरिक्त समय की आवश्यकता है। हालांकि, हाईकोर्ट ने इस दलील को स्वीकार करने से इनकार कर दिया।
अदालत ने कहा कि नियुक्ति पत्र जारी करने का आदेश लगभग दो वर्ष पहले दिया जा चुका है, लेकिन अब तक उसका पालन नहीं किया गया है। इस पर नाराजगी जताते हुए कोर्ट ने स्पष्ट किया कि न्यायालय के आदेशों की अनदेखी किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है।
हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को निर्देश दिया कि सभी याचिकाकर्ताओं को शुक्रवार तक नियुक्ति पत्र जारी किए जाएं। अदालत ने चेतावनी दी कि निर्धारित समय सीमा के भीतर आदेश का पालन नहीं होने पर अवमानना मामले में संबंधित प्रतिवादियों के खिलाफ आरोप तय किए जाएंगे।
मामले की अगली सुनवाई शुक्रवार को निर्धारित की गई है, जिस पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं।
याचिकाकर्ताओं का आरोप है कि हाईकोर्ट के पूर्व आदेश के बावजूद सरकार ने नियुक्ति प्रक्रिया पूरी नहीं की, जिसके चलते उन्हें अवमानना याचिका दायर करनी पड़ी। इस मामले में ज्योति लाल महतो, मृणाल कुमार राय समेत अन्य अभ्यर्थियों की ओर से याचिका दायर की गई है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि राज्य सरकार शुक्रवार तक अदालत के निर्देशों का पालन करती है या नहीं।

