नई दिल्ली : जमीन और संपत्ति की खरीद-फरोख्त पर आयकर विभाग ने अपनी निगरानी और सख्त कर दी है। अब विभाग रजिस्ट्री कार्यालयों के रिकॉर्ड की गहन जांच करने की तैयारी में है, ताकि बड़े और संदिग्ध प्रॉपर्टी लेनदेन की पहचान की जा सके। इस कदम का उद्देश्य संपत्ति लेनदेन में पारदर्शिता बढ़ाना और संभावित टैक्स गड़बड़ियों को रोकना बताया जा रहा है।


जानकारी के अनुसार, आयकर विभाग ऐसे सभी मामलों पर नजर रख रहा है जहां खरीद मूल्य और आय के बीच बड़ा अंतर दिखाई देता है। रजिस्ट्री डेटा, PAN और वित्तीय रिकॉर्ड को मिलाकर जांच की जा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि संपत्ति खरीद के लिए धन का स्रोत क्या है और कहीं कोई अनियमितता तो नहीं है।
विभाग के इस सख्त रुख के बाद रियल एस्टेट सेक्टर में हलचल बढ़ गई है। अब बड़ी संपत्ति खरीदने वालों के लेनदेन ऑटोमैटिक सिस्टम के जरिए ट्रैक किए जा रहे हैं, जिससे कई मामलों में नोटिस और पूछताछ की संभावना भी बढ़ गई है.

