कोलकाता :पश्चिम बंगाल की राजनीति में नया मोड़ तब आया जब तृणमूल कांग्रेस (TMC) की बागी सांसद काकोली घोष दस्तीदार ने दावा किया कि पार्टी के 20 सांसद नेशनलिस्ट सिटिजंस पार्टी (NCPI) में विलय करेंगे और एनडीए को समर्थन देंगे। इस संबंध में बागी सांसदों ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से मुलाकात कर संसद में अलग बैठने की व्यवस्था की भी मांग की है।


काकोली घोष दस्तीदार का कहना है कि टीएमसी के दो-तिहाई सांसद उनके साथ हैं और उन्होंने अलग समूह के रूप में मान्यता देने का अनुरोध किया है। वहीं बागी खेमे ने संकेत दिया है कि वे संसद में अलग पहचान के साथ काम करेंगे। दूसरी ओर, टीएमसी नेतृत्व ने इस कदम का विरोध करते हुए इसे राजनीतिक रूप से महत्वहीन बताया है।
इस घटनाक्रम के बाद पश्चिम बंगाल की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यदि यह विलय औपचारिक रूप से स्वीकार होता है तो संसद में दलों की ताकत और राजनीतिक समीकरणों पर इसका असर पड़ सकता है। फिलहाल लोकसभा अध्यक्ष के फैसले और आगे की कानूनी प्रक्रिया पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।

