कोलकाता : पश्चिम बंगाल के चर्चित फर्जी हस्ताक्षर मामले में उस समय नया मोड़ आ गया जब कलकत्ता हाईकोर्ट के जस्टिस सौगत भट्टाचार्य ने मामले की सुनवाई से खुद को अलग कर लिया। उनके इस फैसले के बाद अब मामले की सुनवाई किसी अन्य पीठ के समक्ष होने की संभावना है। मामले को लेकर राज्य की राजनीति और कानूनी हलकों में पहले से ही काफी चर्चा बनी हुई है।


यह मामला कथित तौर पर विधायकों के हस्ताक्षरों में गड़बड़ी और उससे जुड़ी जांच से संबंधित है। हाल के दिनों में इस प्रकरण में कई राजनीतिक नेताओं से पूछताछ की गई है और जांच एजेंसियां लगातार कार्रवाई कर रही हैं। सुनवाई से न्यायाधीश के अलग होने के बाद अब आगे की कानूनी प्रक्रिया पर सभी की नजरें टिकी हैं।अदालत की ओर से मामले को नई पीठ के समक्ष सूचीबद्ध किए जाने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। इसके बाद ही अगली सुनवाई की तारीख और आगे की कार्रवाई स्पष्ट हो सकेगी।

