रांची: नामकुम अंचल क्षेत्र में भूमि अभिलेखों में कथित गड़बड़ी और महत्वपूर्ण दस्तावेजों के गायब होने के मामले में झारखंड हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। न्यायमूर्ति राजेश शंकर की अदालत ने राज्य सरकार के कैबिनेट सतर्कता विभाग के प्रधान सचिव को निर्देश दिया है कि भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) द्वारा मांगी गई प्रारंभिक जांच की अनुमति पर दो सप्ताह के भीतर निर्णय लिया जाए।


सुनवाई के दौरान एसीबी ने अदालत को बताया कि नामकुम अंचल के दुंडू क्षेत्र की एक भूमि से जुड़े मामले में प्रथम दृष्टया गंभीर अनियमितताओं के संकेत मिले हैं। भूमि अभिलेखों में गड़बड़ी और महत्वपूर्ण राजस्व दस्तावेजों के गायब होने के आरोपों को देखते हुए प्रारंभिक जांच आवश्यक प्रतीत होती है। इसी आधार पर एसीबी ने राज्य सरकार से जांच की अनुमति मांगी है।
मामले के याचिकाकर्ता थॉमस साइमन ने आरोप लगाया है कि भूमि से संबंधित फाइलों और अभिलेखों में गंभीर अनियमितताएं हुई हैं तथा मूल राजस्व रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं कराए जा रहे हैं। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।
हाईकोर्ट ने इससे पहले भी मामले की गंभीरता को देखते हुए एसीबी से विस्तृत रिपोर्ट तलब की थी। अब अदालत ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि जांच अनुमति के संबंध में लंबित निर्णय को जल्द से जल्द पूरा कर एसीबी को सूचित किया जाए।
मामले की अगली सुनवाई 10 जुलाई को निर्धारित की गई है। इस दौरान सरकार द्वारा लिए गए निर्णय और आगे की कार्रवाई पर अदालत की नजर रहेगी।

