रांची: झारखंड में राशन कार्डधारियों का ई-केवाईसी (e-KYC) कार्य अब तक पूरी तरह पूरा नहीं हो सका है, जिसके कारण बड़ी संख्या में लाभुकों को सरकारी खाद्यान्न योजना का लाभ लेने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। खाद्य, सार्वजनिक वितरण एवं उपभोक्ता मामले विभाग के अनुसार राज्य में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) के तहत करोड़ों लोग लाभान्वित हो रहे हैं, लेकिन इनमें से लाखों लाभुकों का आधार आधारित सत्यापन अभी भी लंबित है।


विभागीय आंकड़ों के अनुसार अधिकांश लाभुकों का e-KYC पूरा हो चुका है, लेकिन कई जिलों में अब भी बड़ी संख्या में लोगों का सत्यापन शेष है। धनबाद, गिरिडीह, पलामू, रांची और पूर्वी सिंहभूम जैसे बड़े जिलों में स्थिति अधिक गंभीर बताई जा रही है। कुछ क्षेत्रों में सत्यापन की गति अपेक्षा से काफी धीमी है, जिससे विभाग की चिंता बढ़ गई है।
ग्रामीण इलाकों में रहने वाले लोगों को सबसे अधिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। कई गांवों में आधार केंद्रों की कमी, इंटरनेट नेटवर्क की समस्या और तकनीकी खामियों के कारण लोग समय पर e-KYC नहीं करा पा रहे हैं। इसका सबसे ज्यादा असर बुजुर्गों, महिलाओं और दिव्यांग लाभुकों पर पड़ रहा है।
कई लाभुकों का कहना है कि वे नियमित रूप से राशन दुकान पहुंचते हैं, लेकिन मशीन में e-KYC लंबित दिखने के कारण उन्हें खाद्यान्न नहीं मिल पाता। इससे जरूरतमंद परिवारों के सामने खाद्य संकट की स्थिति उत्पन्न हो रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि e-KYC प्रक्रिया को तेज करने के लिए गांव-गांव विशेष अभियान चलाने की आवश्यकता है। साथ ही आधार सत्यापन केंद्रों की संख्या बढ़ाने और तकनीकी सुविधाओं को मजबूत करने से समस्या का समाधान संभव हो सकेगा।

