एनजीटी के प्रतिबंध के बावजूद सड़कों पर दौड़ रहे बालू लदे वाहन, अवैध खनन पर उठे सवाल

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सरायकेला (संजीव मेहता): राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) के आदेश के बावजूद आदित्यपुर क्षेत्र में खुलेआम बालू लदे वाहन सड़कों पर दौड़ते दिखाई दे रहे हैं। मानसून के दौरान बालू खनन पर पूर्ण प्रतिबंध लागू होने के बावजूद ताजा बालू की ढुलाई ने अवैध खनन को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

एनजीटी के दिशा-निर्देशों के अनुसार, नदियों में जलीय जीवों के प्रजनन और पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए प्रत्येक वर्ष 10 जून से 15 अक्टूबर तक बालू खनन पर पूर्ण प्रतिबंध रहता है। इस अवधि में केवल पहले से स्वीकृत और वैध भंडारित (स्टॉक) बालू की ही आपूर्ति निर्माण कार्यों के लिए की जा सकती है।

इसके बावजूद आदित्यपुर क्षेत्र में ताजा बालू से लदे वाहनों की आवाजाही देखी जा रही है। इससे आशंका जताई जा रही है कि प्रतिबंध के बावजूद चोरी-छिपे अवैध बालू खनन जारी है और उसी बालू की आपूर्ति विभिन्न निर्माण स्थलों तक की जा रही है।

गौरतलब है कि कुछ दिन पहले आदित्यपुर थाना पुलिस ने कार्रवाई करते हुए बालू लदे एक हाइवा को जब्त किया था। इस मामले में चालक को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया, जबकि वाहन मालिक अब भी फरार बताया जा रहा है।

लगातार सामने आ रहे ऐसे मामलों के बाद सवाल उठ रहे हैं कि आखिर प्रतिबंध के बावजूद बालू की ढुलाई कैसे हो रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि अवैध खनन पर प्रभावी निगरानी और कड़ी कार्रवाई नहीं हुई तो पर्यावरण को गंभीर नुकसान पहुंच सकता है। वहीं, बालू माफियाओं पर प्रशासनिक कार्रवाई का अपेक्षित असर भी दिखाई नहीं दे रहा है।