जमशेदपुर: भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) के नए निर्देश के बाद जमशेदपुर में डोर स्टेप डिलीवरी (डीएसडी) व्यवस्था से जुड़े छोटे वाहन मालिकों और मजदूरों में नाराजगी बढ़ गई है। शुक्रवार को डीएसडी कर्मियों ने विरोध-प्रदर्शन करते हुए चेतावनी दी कि उनकी मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन और चक्का जाम जारी रहेगा।


जानकारी के अनुसार, एफसीआई ने निर्देश जारी किया है कि अब सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) का राशन सीधे एफसीआई गोदाम से डीलरों तक पहुंचाया जाएगा। इससे पहले एफसीआई से राशन राज्य खाद्य निगम (एसएफसी) के गोदामों में भेजा जाता था, जहां से डीएसडी व्यवस्था के तहत छोटे वाहन मालिकों और मजदूरों के माध्यम से राशन डीलरों तक पहुंचाया जाता था।
जमशेदपुर में एसएफसी के कुल तीन गोदाम हैं। नई व्यवस्था लागू होने के बाद इन गोदामों से संचालित डीएसडी प्रणाली लगभग समाप्त हो जाएगी। इससे लंबे समय से इस कार्य से जुड़े छोटे वाहन मालिकों और मजदूरों की आजीविका पर सीधा असर पड़ने की आशंका है।
प्रदर्शन कर रहे मजदूरों का कहना है कि नई व्यवस्था लागू होने से उनका रोजगार छिन जाएगा। उनका कहना है कि इसी काम से उनके परिवार का भरण-पोषण होता है। यदि यह व्यवस्था समाप्त हुई तो उनके सामने गंभीर आर्थिक संकट खड़ा हो जाएगा। उन्होंने सरकार और संबंधित विभाग से रोजगार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।
डीएसडी कर्मियों ने स्पष्ट किया कि जब तक उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने आवश्यकता पड़ने पर चक्का जाम जैसे आंदोलन को भी आगे बढ़ाने की चेतावनी दी। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि किसी भी नई व्यवस्था को लागू करने से पहले उन परिवारों के भविष्य पर भी विचार किया जाना चाहिए, जिनकी आजीविका इस व्यवस्था पर निर्भर है।

