रांची: नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी के राजनीतिक सलाहकार सुनील तिवारी से जुड़े बाल श्रम मामले में सोमवार को विशेष अदालत में सुनवाई हुई। एसटी-एससी समेत अन्य मामलों की सुनवाई के लिए गठित विशेष न्यायालय के न्यायाधीश एस.एन. तिवारी की अदालत में आरोप गठन की प्रक्रिया से पहले सुनील तिवारी की ओर से डिस्चार्ज (मुक्ति) याचिका दायर की गई। अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद मामले की अगली सुनवाई के लिए 18 अगस्त की तारीख निर्धारित की है।


यह मामला बाल एवं किशोर श्रम (प्रतिषेध एवं विनियमन) अधिनियम के कथित उल्लंघन से जुड़ा है। आरोप है कि सुनील तिवारी के आवास पर कार्यरत एक नाबालिग बालिका को मुक्त कराया गया था। इसके बाद रांची के अरगोड़ा थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। मामले की जांच के दौरान श्रम विभाग ने भी कार्रवाई करते हुए कानून के उल्लंघन का आरोप लगाया था।
तत्कालीन श्रम अधीक्षक अविनाश कृष्ण ने 7 सितंबर 2021 को अधिनियम के उल्लंघन का मामला दर्ज कराया था। विभाग ने सुनील तिवारी को जिला बाल श्रम सुधार एवं कल्याण कोष में 20 हजार रुपये जमा कराने का भी निर्देश दिया था। फिलहाल आरोप गठन से पहले दायर डिस्चार्ज याचिका पर निर्णय लंबित है और अब मामले की अगली सुनवाई 18 अगस्त को होगी।

