जमशेदपुर: सिदगोड़ा के शिव सिंह बागान इलाके में टाटा लीज जमीन पर कब्जे और घेराबंदी को लेकर विवाद लगातार गंभीर होता जा रहा है। मामले को लेकर पहले भी सवाल उठाए गए थे। अब सामने आया है कि जमीन विभाग की ओर से कथित कब्जे की जानकारी जिला प्रशासन को दी जा चुकी है और इससे संबंधित दस्तावेज भी मौजूद हैं। इसके बावजूद मौके पर अब तक कोई ठोस निवारक कार्रवाई नहीं होने से प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठ रहे हैं।


रविवार को बड़ी संख्या में लोग विवादित जमीन पर पहुंचे और पिलर गाड़कर उसकी घेराबंदी शुरू कर दी। इसके बाद इलाके में तनाव की स्थिति बन गई। स्थानीय लोगों के अनुसार करीब 40 से 50 लोग अब भी मौके पर डेरा डाले हुए हैं। जमीन को लेकर पूर्व में भी दोनों पक्षों के बीच विवाद और तीखी बहस हो चुकी है। ऐसे में किसी भी समय स्थिति गंभीर होने की आशंका जताई जा रही है।
स्थानीय लोगों का सवाल है कि जब जमीन विभाग की ओर से जिला प्रशासन को लिखित रूप से जानकारी दी गई है, तो मौके पर मौजूद लोगों और जारी घेराबंदी के खिलाफ अब तक प्रभावी कार्रवाई क्यों नहीं की गई। कुछ लोगों को आशंका है कि घेराबंदी के बाद जमीन को छोटे-छोटे प्लॉट में बांटकर बेचने की तैयारी की जा सकती है। हालांकि, जमीन पर दावा करने वाले पक्ष के वास्तविक दस्तावेज और अधिकार की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से जमीन के स्वामित्व, लीज रिकॉर्ड, म्यूटेशन, नक्शा और संबंधित विभागों की अनुमति की गहन जांच की मांग की है। उनका कहना है कि विवादित जमीन की खरीदारी करने से आम लोगों को भविष्य में आर्थिक नुकसान हो सकता है।
मामले में जमशेदपुर के एसएसपी ने कहा है कि प्रशासन के संज्ञान में मामला है और उचित कार्रवाई की जाएगी। अब लोगों की नजर पुलिस एवं जिला प्रशासन के अगले कदम पर है।

