झारखंड के खनिज राजस्व पर असर की आशंका, MMDR संशोधन के बाद राज्य खनिजों पर नहीं लगा सकेंगे सेस

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रांची: केंद्र सरकार के कानून मंत्रालय ने Mines and Minerals Development and Regulation Amendment Act, 2026 (MMDR Act) से संबंधित गजट प्रकाशित किया है। संसद से पारित संशोधन के बाद जारी गजट में अधिनियम की धारा 2, 3 और 9C में बदलाव का उल्लेख किया गया है।

धारा 9C में जोड़ा गया नया प्रावधान

संशोधन के तहत धारा 9C में 9D(1) जोड़ा गया है। इसके प्रावधान के अनुसार, राज्य सरकार खनिजयुक्त भूमि पर किसी भी प्रकार का टैक्स, सेस या अन्य शुल्क नहीं लगा सकेगी। यानी खनिजों पर किसी भी नाम से अतिरिक्त कर लगाने का अधिकार राज्य के पास नहीं रहेगा।

न्यायिक आदेश का भी नहीं होगा असर

गजट में कहा गया है कि अधिनियम में किया गया यह संशोधन किसी न्यायिक आदेश से प्रभावित नहीं होगा। केंद्र सरकार द्वारा गजट जारी किए जाने के बाद खनिजों पर सेस लगाने के राज्यों के अधिकार को लेकर बहस एक बार फिर तेज हो गई है।

इस बदलाव का सीधा असर खनिज संपदा वाले राज्यों के राजस्व पर पड़ने की संभावना जताई जा रही है। झारखंड जैसे खनिज-समृद्ध राज्य के लिए यह संशोधन खास तौर पर महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

झारखंड के राजस्व को बड़ा झटका लगने की आशंका

उपलब्ध जानकारी के अनुसार, झारखंड में खनिजों पर लगाए जाने वाले सेस से राज्य सरकार को सालाना करीब 15 हजार करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त होता है। ऐसे में MMDR Act में संशोधन लागू होने के बाद राज्य के राजस्व पर बड़ा प्रभाव पड़ने की आशंका है।

अब राज्य सरकार के सामने खनिजों से होने वाली आय और केंद्र के नए प्रावधानों के बीच संतुलन बनाने की चुनौती होगी।