जमशेदपुर पश्चिम के विधायक सरयू राय ने चीनी और प्याज की बढ़ती कीमतों को लेकर केंद्र और झारखंड सरकार से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। उन्होंने कहा कि बाजार में कीमतों में अचानक बढ़ोतरी का सीधा असर आम उपभोक्ताओं पर पड़ रहा है। सरयू राय ने सरकार से चीनी और प्याज के बाजार में कार्टेल, जमाखोरी और कृत्रिम कमी पर प्रभावी नियंत्रण की मांग की।


सरयू राय ने 22 अगस्त के मिल रेट का हवाला देते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश की कई सहकारी चीनी मिलों में चीनी की कीमत करीब 5,820 से 6,000 रुपये प्रति क्विंटल है, जबकि कुछ मिलों में यह दर 6,200 रुपये तक बताई गई है। उन्होंने आशंका जताई कि मिल स्तर पर बढ़ी कीमतों का असर आने वाले दिनों में झारखंड के थोक और खुदरा बाजार पर पड़ सकता है।
उन्होंने सरकार से बड़े थोक विक्रेताओं और स्टॉकिस्टों के पास मौजूद चीनी के स्टॉक की जांच कराने की मांग की। निर्धारित सीमा से अधिक भंडारण पाए जाने पर कार्रवाई की बात भी कही।
प्याज की कीमतों को लेकर भी उन्होंने महाराष्ट्र की मंडियों में बढ़ती कीमतों और संभावित जमाखोरी पर चिंता जताई। सरयू राय ने जमशेदपुर, रांची और धनबाद समेत प्रमुख बाजारों में चीनी-प्याज के स्टॉक और थोक कीमतों की नियमित निगरानी की मांग की। उन्होंने कहा कि सरकार को खुदरा स्तर पर कार्रवाई के साथ-साथ आपूर्ति के स्रोत की भी जांच करनी चाहिए।

