गोड्डा: माइंस एंड मिनरल्स अमेंडमेंट बिल-2026 के विरोध में गोड्डा में कांग्रेस ने प्रदर्शन किया। प्रदर्शन का नेतृत्व मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने किया। उन्होंने केंद्र सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि प्रस्तावित संशोधन से झारखंड के आर्थिक हित प्रभावित हो सकते हैं।


कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए दीपिका पांडेय सिंह ने कहा कि बिल के जरिए राज्य के राजस्व अधिकारों को सीमित करने का प्रयास किया जा रहा है। मंत्री ने दावा किया कि केंद्र पर झारखंड की 1.36 लाख करोड़ रुपये की खनन रॉयल्टी बकाया है। उन्होंने कहा कि यदि सेस लगाने के अधिकार को सीमित किया गया तो राज्य को हर साल करीब 14 हजार करोड़ रुपये के राजस्व का नुकसान हो सकता है।
मंत्री ने कहा कि खनिज संसाधन झारखंड की पहचान और अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। आदिवासी और मूलवासी समुदाय लंबे समय से राज्य के प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा करते आए हैं। उन्होंने कहा कि खनिज संपदा देश की औद्योगिक जरूरतों को पूरा करने में भी महत्वपूर्ण योगदान देती है।
माइंस एंड मिनरल्स अमेंडमेंट बिल-2026 को संसद ने 13 अगस्त को मंजूरी दी थी। झारखंड सरकार पहले ही बिल को लेकर केंद्र के समक्ष आपत्ति दर्ज करा चुकी है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने भी राष्ट्रपति से राज्य के हितों की रक्षा करने और प्रधानमंत्री से संशोधन पर पुनर्विचार की अपील की थी। इससे पहले AJSU पार्टी और JLKM भी बिल के विरोध में सामने आ चुके हैं।

