जमशेदपुर: भालूबासा मुखी बस्ती निवासी बेबो किन्नर पिछले 10 वर्षों से अपने 14 वर्षीय बेटे गोविंदा की लंबी उम्र, खुशहाली और उज्ज्वल भविष्य की कामना के लिए जिउतिया व्रत रख रही हैं। गोविंदा को जन्म के बाद उसके माता-पिता ने ठुकरा दिया था। इसके बाद बेबो ने उसे अपनाया और उसका नाम गोविंदा रखते हुए उसकी परवरिश व पढ़ाई की जिम्मेदारी संभाली।


इस वर्ष जिउतिया पर्व तीन अक्तूबर को मनाया जाएगा। बेबो दो अक्तूबर से उपवास शुरू करेंगी और दो दिनों तक फलाहार पर रहेंगी। तीन अक्तूबर की शाम सात बजे वह अपने आवास पर जिउतिया की पूजा करेंगी। पूजा में शहर के विभिन्न क्षेत्रों से व्रत रखने वाली कई माताओं के शामिल होने की बात कही गई है।
बेबो ने बताया कि वह बेटे की तरक्की और खुशहाली की कामना के साथ पूरी श्रद्धा से यह व्रत करती हैं। उनकी इच्छा है कि गोविंदा पढ़-लिखकर आगे बढ़े और अपनी अलग पहचान बनाए। उन्होंने पहले गोविंदा को सुंदरनगर स्थित जीटी हॉस्टल में रखकर पढ़ाया। फिलहाल 14 वर्षीय गोविंदा बेबो के साथ भालूबासा में रहता है और वहीं के एक निजी स्कूल में पढ़ाई कर रहा है।
बेबो बधाई और परवी से मिलने वाली आय से अपना घर चलाती हैं। इसी कमाई से वह गोविंदा की परवरिश और पढ़ाई का खर्च भी उठाती हैं। सीमित संसाधनों के बावजूद उनकी कोशिश है कि गोविंदा अच्छी शिक्षा हासिल कर अपने पैरों पर खड़ा हो। उनके लिए जिउतिया केवल धार्मिक परंपरा नहीं, बल्कि बेटे के बेहतर भविष्य और उसके सुख-समृद्धि की कामना से जुड़ा आस्था और मातृत्व का अवसर है।

