धनबाद: कोल इंडिया और उसकी अनुषंगी कंपनियों के कर्मचारियों को इस वर्ष 1,10,250 रुपये का बोनस यानी पीएलआर (परफॉर्मेंस लिंक्ड रिवार्ड) मिलेगा। शनिवार को कोलकाता में हुई कोल इंडिया एपेक्स जेसीसी की बैठक में बोनस की राशि पर सहमति बनी। तय राशि का भुगतान 15 अक्टूबर तक किए जाने की बात कही गई है। इससे करीब दो लाख कोयला कर्मियों को लाभ मिलने की उम्मीद है।


एक अप्रैल 2026 के आंकड़ों के अनुसार कोल इंडिया में 1,96,753 नन-एग्जीक्यूटिव कर्मचारी कार्यरत हैं। चालू वित्तीय वर्ष में सेवानिवृत्त होने वाले कर्मचारियों को भी पीएलआर का लाभ मिलेगा। बोनस के लिए कुल बजट करीब दो हजार करोड़ रुपये रहने का अनुमान है। झारखंड में करीब 70 हजार कोयला कर्मी हैं, जिन्हें इस फैसले का लाभ मिलेगा। राज्य में बीसीसीएल, सीसीएल, सीएमपीडीआईएल के अलावा ईसीएल के राजमहल, चितरा और मुगमा एरिया भी हैं।
बैठक में कोल इंडिया के चेयरमैन बी. साईं राम, निदेशक मार्केटिंग सह प्रभारी निदेशक मानव संसाधन मुकेश चौधरी और निदेशक वित्त मुकेश अग्रवाल समेत प्रबंधन के अधिकारी मौजूद रहे। ट्रेड यूनियनों की ओर से के. लक्ष्मा रेड्डी (बीएमएस), हरभजन सिंह सिद्धू (एचएमएस), डीडी रामानंदन (सीटू) और लखनलाल महतो (एटक) शामिल हुए। सभी यूनियनों ने बोनस की राशि पर सहमति जताते हुए समझौते पर हस्ताक्षर किए।
पिछले वर्ष कोयला कर्मियों को 1,03,000 रुपये बोनस मिला था। इस वर्ष इसमें 7,250 रुपये की बढ़ोतरी हुई है। वर्ष 2024 में बोनस की राशि 93,750 रुपये थी। एटक नेता लखनलाल महतो के अनुसार यूनियनें तय राशि से संतुष्ट हैं। बैठक में प्रबंधन की ओर से बताया गया कि पिछले वर्ष की तुलना में कोल इंडिया का मुनाफा करीब सात हजार करोड़ रुपये कम रहा है, जिसके कारण बोनस में वृद्धि पिछले वर्ष की तुलना में कम रही।

