वेल्लोर में बनेगा झारखंड भवन, इलाज कराने जाने वाले मरीजों और परिजनों को मिलेगी राहत

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रास्ता साफ हो गया है। झारखंड सरकार को वहां 1.25 एकड़ जमीन मिल गई है। अब आवश्यक मंजूरियां मिलने के बाद भवन निर्माण शुरू किया जाएगा। इस भवन के बनने से बेहतर इलाज के लिए वेल्लोर जाने वाले झारखंड के मरीजों और उनके परिजनों को ठहरने के लिए किफायती सुविधा मिलने की उम्मीद है।

वेल्लोर स्थित क्रिश्चियन मेडिकल कॉलेज (सीएमसी) में झारखंड से बड़ी संख्या में मरीज गंभीर बीमारियों का इलाज कराने पहुंचते हैं। लंबे समय तक जांच, ऑपरेशन और इलाज के बाद देखभाल की जरूरत के कारण मरीजों के परिजनों को कई दिनों या महीनों तक बाहर रहना पड़ सकता है। ऐसे में होटल और लॉज में ठहरने से परिवारों पर आर्थिक बोझ बढ़ जाता है। प्रस्तावित झारखंड भवन का उद्देश्य इस खर्च को कम करने में मदद करना है, ताकि मरीजों के परिजन इलाज के दौरान रहने की चिंता से कुछ हद तक राहत पा सकें।

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने करीब दो वर्ष पहले भवन निर्माण विभाग को वेल्लोर में झारखंड भवन बनाने की दिशा में काम करने का निर्देश दिया था। अब जमीन उपलब्ध होने के बाद परियोजना को आगे बढ़ाने की तैयारी है। हालांकि, निर्माण शुरू होने से पहले जरूरी क्लीयरेंस और अन्य औपचारिकताएं पूरी करनी होंगी।

वेल्लोर के अलावा नवी मुंबई के वाशी क्षेत्र में भी झारखंड भवन बनाने की योजना है। वहां लगभग 136 करोड़ रुपये की लागत से आधुनिक सुविधाओं वाला भवन प्रस्तावित है। वाशी के सेक्टर 30-ए में सरकार को 63.65 डिसमिल जमीन मिली है और निर्माण से पहले मंजूरी की प्रक्रिया चल रही है।

वहीं, हैदराबाद में भी झारखंड भवन के लिए जमीन तलाश की जा रही है। सरकार गाचीबावली स्थित एआईजी हॉस्पिटल के आसपास एक से डेढ़ एकड़ जमीन की तलाश में है। इन परियोजनाओं का उद्देश्य राज्य से बाहर इलाज कराने जाने वाले मरीजों और उनके परिजनों को ठहरने की बेहतर सुविधा उपलब्ध कराना है।