जमशेदपुर: दीपावली और अन्य त्योहारों पर पटाखे फोड़ने को लेकर झारखंड राज्य प्रदूषण नियंत्रण पर्षद (जेएसपीसीबी) ने समय और ध्वनि सीमा से जुड़े दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इसके अनुसार, दीपावली और गुरुपर्व पर रात 8 बजे से 10 बजे तक ही पटाखे फोड़ने की अनुमति होगी। छठ पूजा के दौरान सुबह 6 बजे से 8 बजे तक पटाखे फोड़े जा सकेंगे। वहीं, क्रिसमस और नववर्ष पर रात 11:55 बजे से मध्यरात्रि 12:30 बजे तक इसकी अनुमति होगी।


पर्षद ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित समय का उल्लंघन करने या तय मानकों से अधिक ध्वनि वाले पटाखों का इस्तेमाल करने पर कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। सर्वोच्च न्यायालय और राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) के आदेशों के अनुपालन में वायु अधिनियम, 1981 की धारा 31(ए) के तहत ये निर्देश जारी किए गए हैं। आदेश सदस्य सचिव राजीव लोचन बख्शी ने जारी किया है।
दिशा-निर्देशों के अनुसार, अच्छी या संतोषप्रद वायु गुणवत्ता वाले शहरी क्षेत्रों में निर्धारित मानकों के अनुरूप पटाखों की बिक्री और इस्तेमाल की अनुमति होगी। पटाखों की ध्वनि सीमा 125 डेसीबल से कम होनी चाहिए। रिहायशी इलाकों में दिन के समय ध्वनि सीमा 55 डेसीबल और रात में 45 डेसीबल निर्धारित है, जबकि साइलेंट जोन में यह सीमा 40 डेसीबल है। नियमों का उल्लंघन करने वालों पर संबंधित कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई हो सकती है।
दीपावली के दौरान ध्वनि और वायु प्रदूषण की निगरानी के लिए जमशेदपुर और आसपास के करीब 10 स्थानों पर मापक यंत्र लगाए जाएंगे। इनमें साकची, बिष्टुपुर, सोनारी, गोलमुरी और आदित्यपुर के प्रमुख स्थान शामिल हैं। क्षेत्रीय पदाधिकारी जीतेंद्र सिंह के अनुसार, त्योहारों के दौरान ध्वनि, वायु और जल गुणवत्ता की जांच कर प्रदूषण के स्तर पर नजर रखी जाएगी, ताकि जरूरत के अनुसार नियंत्रण के कदम उठाए जा सकें।

