चाईबासा: पश्चिमी सिंहभूम जिले के मुफस्सिल थाना क्षेत्र स्थित अंजेदवेदा गांव में बारिश के मौसम में जंगली मशरूम खाना एक परिवार को भारी पड़ गया। जहरीला मशरूम खाने से पिता और पुत्री की तबीयत गंभीर रूप से बिगड़ गई, जिसके बाद दोनों को इलाज के लिए चाईबासा सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया। फिलहाल दोनों डॉक्टरों की निगरानी में हैं।


जानकारी के अनुसार, 45 वर्षीय चंद्र कुमार लोहार और उनकी 18 वर्षीय पुत्री शांति लोहार ने घर के पास पुआल पर उगे मशरूम को खाने योग्य समझकर उसकी सब्जी बनाई और दोपहर के भोजन में सेवन किया।
मशरूम खाने के कुछ घंटों बाद दोनों को तेज पेट दर्द, लगातार उल्टी और दस्त की शिकायत शुरू हो गई। हालत बिगड़ने पर परिजन और ग्रामीण देर रात दोनों को तत्काल चाईबासा सदर अस्पताल लेकर पहुंचे।
अस्पताल के आपातकालीन वार्ड में चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार शुरू करते हुए दोनों को सलाइन चढ़ाई और फूड पॉइजनिंग का इलाज शुरू किया। डॉक्टरों के अनुसार, जंगली मशरूम में मौजूद किसी अज्ञात विषैले तत्व के कारण यह स्थिति उत्पन्न हुई। फिलहाल दोनों की हालत स्थिर बताई जा रही है और उन्हें चिकित्सकीय निगरानी में रखा गया है।
घटना के बाद स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि बारिश के मौसम में जंगल, खेत या पुआल पर उगने वाले अज्ञात मशरूम का सेवन न करें। विशेषज्ञों के अनुसार, कई जंगली मशरूम देखने में खाने योग्य लगते हैं, लेकिन वे अत्यंत विषैले हो सकते हैं और इनके सेवन से गंभीर फूड पॉइजनिंग, अंगों को नुकसान या जान का खतरा भी हो सकता है।
स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से किसी भी प्रकार के अज्ञात मशरूम का सेवन करने से बचने और ऐसी स्थिति में तत्काल नजदीकी अस्पताल पहुंचने की सलाह दी है।

