ग्लोरिया इंजीनियरिंग ब्लास्ट: मजदूर की मौत के बाद परिजनों का हंगामा, ₹40 लाख मुआवजा और स्थायी नौकरी की मांग

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सरायकेला: आदित्यपुर औद्योगिक क्षेत्र फेज-2 स्थित ग्लोरिया इंजीनियरिंग इंडिया प्राइवेट लिमिटेड में हुए फर्नेस ब्लास्ट में घायल ऑपरेटर मुरली पात्रो की इलाज के दौरान टाटा मुख्य अस्पताल (TMH) में मौत हो गई। घटना के बाद शुक्रवार सुबह अस्पताल पहुंचे परिजनों ने कंपनी प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाते हुए मुआवजा और परिवार के एक सदस्य को स्थायी नौकरी देने की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन किया।

जानकारी के अनुसार, गुरुवार दोपहर करीब 12:30 बजे फैक्ट्री में काम के दौरान अचानक फर्नेस में तेज विस्फोट हो गया। इस हादसे में एक महिला कर्मी सहित आठ मजदूर झुलस गए थे। गंभीर रूप से घायल 30 वर्षीय मुरली पात्रो, जो गम्हरिया के बासुरादा निवासी थे, ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। अन्य घायलों में सूरज हांसदा, सोनामुनी दास और अनिल यादव का इलाज टीएमएच में चल रहा है, जबकि शैलेंद्र महतो, अंकित कुमार और प्रकाश बोदरा स्थानीय संजीवनी नर्सिंग होम में भर्ती हैं।

मृतक के परिजनों का आरोप है कि कंपनी प्रबंधन ने दुर्घटना की सही जानकारी छिपाई और उन्हें बताया गया कि मुरली सड़क दुर्घटना में घायल हुए हैं। अस्पताल पहुंचने पर उन्हें फर्नेस ब्लास्ट की वास्तविक जानकारी मिली। परिजनों ने आरोप लगाया कि कंपनी केवल 3 से 5 लाख रुपये मुआवजा देने की बात कर रही है, जबकि वे 40 लाख रुपये मुआवजा और परिवार के एक सदस्य को स्थायी नौकरी की मांग कर रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि मांगें पूरी होने तक शव का पोस्टमार्टम नहीं होने देंगे।

घटना की सूचना मिलने के बाद आदित्यपुर थाना पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। पुलिस यह पता लगा रही है कि फैक्ट्री में सुरक्षा मानकों का पालन किया जा रहा था या नहीं। जांच में लापरवाही मिलने पर संबंधित प्रबंधन के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस हादसे के बाद आदित्यपुर औद्योगिक क्षेत्र की फैक्ट्रियों में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।