जमशेदपुर में दो घंटे की बारिश ने खोली जेएनएसी के दावों की पोल, 500 से अधिक घरों में घुसा पानी

Spread the love

जमशेदपुर: शुक्रवार को शहर में करीब दो घंटे तक हुई मूसलाधार बारिश ने एक बार फिर जमशेदपुर अधिसूचित क्षेत्र समिति (जेएनएसी) की सफाई और जल निकासी व्यवस्था की पोल खोल दी। जमशेदपुर पूर्व विधानसभा क्षेत्र के पटेल नगर, टीचर्स कॉलोनी, गंगोत्री कॉम्प्लेक्स, नीति बाग समेत कई इलाकों में नालियों का गंदा पानी और बारिश का पानी लोगों के घरों में घुस गया। इस दौरान 500 से अधिक घर जलमग्न हो गए, जिससे लोगों को लाखों रुपये के नुकसान का सामना करना पड़ा।

स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय पर नालियों की सफाई की गई होती तो हालात इतने खराब नहीं होते। उनका आरोप है कि जेएनएसी की सफाई व्यवस्था केवल कागजों और दावों तक सीमित है, जबकि हर बारिश में जमीनी हकीकत सामने आ जाती है। इस बार भी कुछ घंटों की बारिश ने पूरे सिस्टम की तैयारी पर सवाल खड़े कर दिए।

लोगों के अनुसार टीचर्स कॉलोनी और पटेल नगर के बीच से गुजरने वाली नाली आगे एग्रिको होते हुए भुइयांडीह तक पहुंचते-पहुंचते काफी संकरी हो जाती है। निकासी मार्ग पर कचरा और गाद जमा होने से पानी की निकासी रुक गई और जलभराव की स्थिति पैदा हो गई। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि इस समस्या की कई बार शिकायत की जा चुकी है, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकला।

जलभराव के कारण घरों में रखा फर्नीचर, इलेक्ट्रॉनिक सामान, राशन, कपड़े और अन्य घरेलू सामग्री पानी में भीगकर खराब हो गई। कई परिवारों ने बाल्टी और मोटर की मदद से रातभर घरों से पानी निकालने का प्रयास किया। सड़कों और गलियों में जलभराव होने से आवागमन भी प्रभावित रहा, जिससे बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों को सबसे अधिक परेशानी उठानी पड़ी।

घटना के बाद स्थानीय लोगों में प्रशासन के प्रति नाराजगी है। उनका कहना है कि हर मानसून में यही स्थिति बनती है, लेकिन संबंधित विभाग केवल आश्वासन देता है। लोगों ने प्रभावित परिवारों को मुआवजा देने, नालियों की तत्काल सफाई कराने और जल निकासी व्यवस्था का स्थायी समाधान करने की मांग की है। साथ ही चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे बड़े आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।