जमशेदपुर: शहर की पहचान से जुड़ी डिमना झील को राष्ट्रीय स्तर पर विशेष पहचान मिली है। नई दिल्ली के लाल किले में आयोजित 80वें स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान एक दर्शक दीर्घा का नाम डिमना झील के नाम पर रखा गया। इसे जमशेदपुर के लिए गौरव का विषय माना जा रहा है।


स्वतंत्रता दिवस समारोह के तहत देश की चुनिंदा प्रमुख झीलों को विशेष सम्मान देते हुए दर्शक दीर्घाओं के नाम इन झीलों के नाम पर रखे गए। इस पहल के माध्यम से देश की जल संपदा के महत्व और उसके संरक्षण का संदेश दिया गया।
देश की 25 प्रमुख झीलों में डिमना शामिल
भारत सरकार की इस विशेष पहल में देश की 25 प्रमुख झीलों को शामिल किया गया है। इन्हीं झीलों के नाम पर दर्शक दीर्घाओं का नामकरण किया गया। इसका उद्देश्य लोगों को जल स्रोतों के महत्व और उनके संरक्षण के प्रति जागरूक करना है।
आठ दशक से जमशेदपुर की जल विरासत का हिस्सा
डिमना झील पिछले आठ दशकों से अधिक समय से जमशेदपुर के लिए महत्वपूर्ण रही है। यह केवल शहर के प्रमुख पर्यटन स्थलों में से एक नहीं है, बल्कि शहर की जल आवश्यकताओं और संसाधन प्रबंधन से भी जुड़ी रही है। समय के साथ यह झील जमशेदपुर की पर्यावरणीय पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा बन गई है।
जल संरक्षण का भी दिया संदेश
डिमना झील को मिली यह राष्ट्रीय पहचान जल संरक्षण के महत्व को भी रेखांकित करती है। झीलें प्राकृतिक सुंदरता का हिस्सा होने के साथ-साथ जल सुरक्षा और पर्यावरणीय संतुलन में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। लाल किले के स्वतंत्रता दिवस समारोह में डिमना झील के नाम पर दर्शक दीर्घा का नामकरण जमशेदपुर की जल विरासत के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है।

