जमशेदपुर: सोनारी मरीन ड्राइव स्थित बिंदल मॉल के उडुपी रेस्टोरेंट में हुई फायरिंग की जांच में पुलिस को कथित हत्या की साजिश से जुड़े कई अहम तथ्य मिले हैं। छत्तीसगढ़ से गिरफ्तार मनोज सरकार, टीटू शर्मा, शंकर मुंडा और दीपू ओझा से पूछताछ के बाद पुलिस को घटना से जुड़े महत्वपूर्ण इनपुट मिलने की बात सामने आई है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, आरोपियों ने घटना में अपनी संलिप्तता स्वीकार की है।


पुलिस सूत्रों के मुताबिक, कदमा जयप्रभा कॉम्प्लेक्स निवासी डोमनिक सैमसन की हत्या की साजिश फायरिंग से दो दिन पहले सीतारामडेरा में शंकर मुंडा के घर पर रची गई थी। बताया जा रहा है कि रेलवे ठेका और रंगदारी को लेकर डोमनिक सैमसन और मनोज सरकार-टीटू शर्मा के बीच विवाद बढ़ा था। पुलिस के अनुसार, साजिश में अजीत मंडल, मोहन यादव, दीपू ओझा समेत अन्य लोगों की भूमिका सामने आई है।
पुलिस जांच के अनुसार, दीपू ओझा पर कथित तौर पर शूटरों के रहने की व्यवस्था करने और अजीत मंडल के लिए बिरसानगर में किराये का मकान दिलाने में मदद करने का आरोप है। वहीं मोहन यादव रांची से चोरी की बाइक लेकर आया था। बाइक को पहले सिदगोड़ा के एक क्वार्टर और बाद में वारदात से दो दिन पहले मानगो में रखा गया था। बाइक छिपाने में ओम बच्चा की मदद लिये जाने की जानकारी के बाद पुलिस ने उसे भी हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की है।
पुलिस के अनुसार, फायरिंग के बाद अजीत मंडल, मोहन यादव और उसका साथी बाइक से डोबो के रास्ते चांडिल पहुंचे। दूसरी ओर मनोज सरकार, टीटू शर्मा, शंकर मुंडा और दीपू ओझा कार से छत्तीसगढ़ चले गए, जहां रायपुर में पुलिस ने चारों को गिरफ्तार किया। अजीत मंडल की पत्नी, दीपू ओझा के भाई और उसके कुछ साथियों से भी पूछताछ किए जाने की जानकारी है।
पुलिस के मुताबिक, मनोज सरकार और टीटू शर्मा का चक्रधरपुर और खड़गपुर रेल मंडल में रेलवे ठेकों से जुड़े मामलों में प्रभाव रहा है और गिरोह पर रंगदारी वसूली के आरोप भी लगते रहे हैं। जांच में यह भी सामने आया है कि डोमनिक सैमसन पहले गिरोह से जुड़ा था, लेकिन बाद में उसने दूरी बना ली थी। सोनारी में पुलिस छापेमारी के दौरान कार्तिक मुंडा की मौत के बाद गिरोह के सदस्यों के बीच मनमुटाव बढ़ने और डोमनिक व उसके साथियों पर संदेह किए जाने की बात भी पुलिस जांच में सामने आई है।
मंगलवार को मुख्य आरोपी अजीत मंडल और मोहन यादव के कोर्ट में सरेंडर करने की सूचना के बाद नया कोर्ट परिसर में सुरक्षा बढ़ा दी गई थी। गेट नंबर तीन पर सीतारामडेरा और बिरसानगर थाना प्रभारियों को तैनात किया गया। वहीं 26 सितंबर की फायरिंग में घायल डोमनिक सैमसन और रिजवान की हालत में सुधार के बाद दोनों को वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया है, जबकि दिलशाद का इलाज अभी CCU में चल रहा है।

