जमशेदपुर: परसुडीह के छोलागोड़ा गांव में पिछले 17 वर्षों से सामाजिक बहिष्कार का सामना कर रहे 32 परिवारों के मामले के समाधान के लिए 16 अक्टूबर को विशेष सामाजिक सभा आयोजित की जाएगी। धाड़ दिशोम देश परगना बैजू मुर्मू ने संबंधित दोनों पक्षों को नोटिस जारी किया है। करनडीह स्थित दिशोम जाहेरथान में सुबह 10 बजे से होने वाली इस सभा में विवाद के समाधान को लेकर विचार-विमर्श किया जाएगा। कृष्णा हांसदा और कन्हैया हांसदा को सभा में उपस्थित रहने का निर्देश दिया गया है।


सभा में आदिवासी समाज के माझी बाबा, नायके बाबा, विभिन्न परगना, बुद्धिजीवी, शिक्षाविद, युवा और महिलाओं को भी आमंत्रित किया गया है। सामाजिक बहिष्कार के मामले के अलावा हाल के दिनों में सोशल मीडिया पर माझी बाबा, पारानिक बाबा और देश परगना बाबा के खिलाफ चलाए जा रहे अभियानों पर भी चर्चा होगी।
देश पारानिक दुर्गाचरण मुर्मू के अनुसार, कृष्णा हांसदा और कन्हैया हांसदा से सोशल मीडिया पर प्रसारित बयानों के संबंध में उनका पक्ष जानने और जवाब मांगने का प्रयास किया जाएगा। बैठक का उद्देश्य सभी संबंधित पक्षों की बात सुनकर लंबे समय से जारी विवाद का उचित समाधान निकालना है।
नोटिस मिलने के बाद कृष्णा हांसदा और कन्हैया हांसदा ने कहा कि वे 16 अक्टूबर की सभा में सभी साक्ष्यों और दस्तावेजों के साथ शामिल होंगे। उनका दावा है कि वर्ष 2008 से गांव में बिना ठोस और न्यायसंगत कारण के परिवारों का सामाजिक बहिष्कार किया जा रहा है। उनके मुताबिक, शुरुआत में तीन परिवारों को बहिष्कृत किया गया था, जिसके बाद 29 अन्य परिवार भी इसकी चपेट में आ गए।
दोनों ने कहा कि ग्रामसभा में प्रत्येक व्यक्ति को अपनी बात रखने और विचार व्यक्त करने का अधिकार मिलना चाहिए। उनके अनुसार, ग्रामसभा का उद्देश्य आपसी बातचीत से समस्याओं का समाधान करना है। अपनी बात रखने के कारण किसी को समाज से बहिष्कृत करना ग्रामसभा की स्थापित मर्यादा और नियमों के खिलाफ है। उन्होंने आगामी सभा में अपना पक्ष प्रमुखता से रखने की बात कही।

