रांची: झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने 1 नवंबर 2026 को दिल्ली के रामलीला मैदान में आयोजित होने वाली ‘वोट बचाओ-देश बचाओ’ रैली की तैयारियां तेज कर दी हैं। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष केशव महतो कमलेश ने मंगलवार को संवाददाता सम्मेलन में बताया कि रैली को लेकर राज्य के विभिन्न जिलों में जनजागरण अभियान चलाया जा रहा है। जिला प्रभारी और वरिष्ठ नेता कार्यकर्ताओं के साथ आम लोगों से संवाद कर रहे हैं।


केशव महतो कमलेश ने आरोप लगाया कि देश में लोकतांत्रिक और संवैधानिक अधिकारों को कमजोर करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नागरिकों को मताधिकार से वंचित करने के किसी भी प्रयास का विरोध करेगी। उन्होंने संवैधानिक संस्थाओं के कथित राजनीतिक इस्तेमाल का मुद्दा भी उठाया और बिहार तथा पश्चिम बंगाल में मतदाताओं के नाम हटाए जाने को लेकर चिंता जताई।
विधायक दल के नेता प्रदीप यादव ने विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि एसआईआर का इस्तेमाल मतदाता सूची से नाम हटाने के लिए किया जा रहा है। यादव ने महाराष्ट्र में 2024 के लोकसभा और विधानसभा चुनावों के बीच मतदाताओं की संख्या में कथित 39 लाख के अंतर का उल्लेख किया। उन्होंने फॉर्म-6 के प्रारूप में बदलाव का दावा करते हुए कहा कि पहले यह चार पृष्ठों का था, जबकि अब आठ पृष्ठों का हो गया है। उन्होंने इस संबंध में निर्वाचन आयोग की ओर से न्यायालय में दिए गए हलफनामे का भी हवाला दिया।
प्रदीप यादव ने मुख्य चुनाव आयुक्त की नियुक्ति प्रक्रिया में बदलाव और चुनाव आयुक्तों को कानूनी संरक्षण देने वाले प्रावधानों पर भी सवाल उठाए। कांग्रेस नेताओं ने रैली के माध्यम से मताधिकार और लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं से जुड़े मुद्दों को राष्ट्रीय स्तर पर उठाने की बात कही। संवाददाता सम्मेलन में प्रदेश कांग्रेस के मीडिया प्रभारी राकेश सिन्हा, सोनाल शांति, उज्ज्वल तिवारी, अख्तर अली और राजन वर्मा उपस्थित थे।

