रांची/हजारीबाग: झारखंड हाईकोर्ट ने हजारीबाग जिले के विष्णुगढ़ थाना क्षेत्र में 12 वर्षीय बच्ची की हत्या के चर्चित मामले में स्वतः संज्ञान लेकर दायर जनहित याचिका (PIL) की सुनवाई सोमवार को पूरी कर उसे निष्पादित कर दिया। अदालत ने स्पष्ट किया कि अब मामले की जांच फॉरेंसिक साइंस लैब (FSL) की रिपोर्ट तथा अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे बढ़ाई जाएगी।


सुनवाई के दौरान मामले के अनुसंधान पदाधिकारी ने अदालत के समक्ष एफएसएल रिपोर्ट और बच्ची की डेथ रिव्यू रिपोर्ट प्रस्तुत की। दोनों रिपोर्टों का अवलोकन करने के बाद हाईकोर्ट ने कहा कि अब जांच एजेंसी उपलब्ध वैज्ञानिक एवं अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई करेगी।
यह मामला विष्णुगढ़ थाना कांड संख्या 42/2026 से जुड़ा है। घटना की गंभीरता को देखते हुए झारखंड हाईकोर्ट ने स्वतः संज्ञान लेते हुए जनहित याचिका दर्ज की थी। पिछली सुनवाई में अदालत ने राज्य सरकार को एफएसएल रिपोर्ट और डेथ रिव्यू रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया था, जिसके अनुपालन में दोनों रिपोर्ट अदालत में दाखिल की गईं।
पुलिस जांच के अनुसार बच्ची की हत्या तंत्र-मंत्र के संदेह में की गई थी। इस मामले में पुलिस ने बच्ची की मां सिल्की देवी, भीम राम समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस का आरोप है कि भीम राम ने हत्या की घटना को अंजाम देने में सहयोग किया था।
प्रारंभिक सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने घटना को अत्यंत क्रूर और अमानवीय बताते हुए गंभीर टिप्पणी की थी। अदालत ने इस मामले में झालसा के सचिव और हजारीबाग के पुलिस अधीक्षक (एसपी) को भी तलब किया था।
पुलिस के अनुसार घटना 24 मार्च 2026 को हुई थी, जबकि 25 मार्च को विष्णुगढ़ थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। अब हाईकोर्ट द्वारा जनहित याचिका के निष्पादन के बाद जांच एजेंसी वैज्ञानिक साक्ष्यों और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी करेगी।

