Jharkhand सरकार ने सरकारी विद्यालयों में अध्ययनरत बच्चों के आधार बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण को लेकर विशेष अभियान शुरू किया है। Department of School Education and Literacy ने सभी जिलों को निर्देश दिया है कि प्रधानमंत्री पोषण योजना (PM POSHAN) से जुड़े प्रत्येक छात्र का आधार सत्यापन निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा किया जाए। इस पहल का उद्देश्य मध्याह्न भोजन योजना में पारदर्शिता बढ़ाना, वास्तविक छात्र संख्या के आधार पर संसाधनों का आवंटन सुनिश्चित करना तथा फर्जीवाड़े की संभावनाओं को रोकना है।


विभाग के अनुसार, पीएम पोषण योजना का लाभ लेने वाले सभी बच्चों के लिए आधार नामांकन और बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण आवश्यक होगा। यह अभियान केंद्र सरकार के शिक्षा मंत्रालय से प्राप्त निर्देशों के बाद तेज किया गया है। वर्तमान में 5 से 17 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों के लिए 31 अक्टूबर 2026 तक निःशुल्क बायोमेट्रिक अपडेट की सुविधा उपलब्ध है। वहीं, Unique Identification Authority of India के नियमों के अनुसार 5 से 7 वर्ष तथा 15 से 17 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों के लिए बायोमेट्रिक अपडेट अनिवार्य है। राज्य सरकार ने 31 अगस्त 2026 तक सभी विद्यालयों में यह प्रक्रिया पूरी करने का लक्ष्य निर्धारित किया है, जिसकी हर 15 दिन में समीक्षा की जाएगी और रिपोर्ट राज्य मध्याह्न भोजन प्राधिकरण को भेजी जाएगी।
इस अभियान की निगरानी के लिए जिला स्तर पर अतिरिक्त जिला कार्यक्रम पदाधिकारियों तथा प्रखंड स्तर पर बीईईओ और बीपीओ को नोडल पदाधिकारी बनाया गया है। साथ ही, स्कूल एवं क्लस्टर स्तर पर विशेष शिविर आयोजित किए जाएंगे ताकि बच्चों और अभिभावकों को सुविधा मिल सके। विभागीय आंकड़ों के अनुसार, राज्य में नामांकित 36.82 लाख से अधिक बच्चों में से अब तक लगभग 73 प्रतिशत का आधार बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण पूरा हो चुका है। लोहरदगा 99 प्रतिशत प्रमाणीकरण के साथ शीर्ष पर है, जबकि रामगढ़, जामताड़ा और गोड्डा का प्रदर्शन भी बेहतर रहा है। दूसरी ओर, चतरा में अब तक केवल 11 प्रतिशत बच्चों का सत्यापन हो पाया है, जबकि पलामू और लातेहार में भी प्रगति संतोषजनक नहीं है। सरकार का मानना है कि आधार आधारित सत्यापन से वास्तविक छात्र आंकड़ों की पहचान होगी और पीएम पोषण योजना का लाभ सही लाभार्थियों तक पहुंचाने में मदद मिलेगी।

