झारखंड राशन कार्ड: रांची में 36,636 लाभुकों की जांच, अयोग्य कार्डधारकों को भेजे जा रहे नोटिस

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रांची: सरकारी राशन का लाभ लेने वाले अपात्र लोगों की पहचान और जांच की प्रक्रिया झारखंड में तेज कर दी गई है। केंद्र सरकार से मिली सूची के आधार पर राज्य में ऐसे राशन कार्डधारकों का सत्यापन किया जा रहा है, जिनकी पात्रता पर सवाल उठे हैं। विभाग अब आय और अन्य सरकारी रिकॉर्ड के आधार पर यह जांच कर रहा है कि संबंधित लोग राशन कार्ड के लिए निर्धारित शर्तों को पूरा करते हैं या नहीं।

राजधानी रांची में 36,636 लाभुकों को जांच के दायरे में रखा गया है। इनमें बड़ी संख्या शहरी क्षेत्र के लोगों की बताई जा रही है। जिला स्तर से कई लाभुकों को नोटिस भी भेजे गए हैं, जबकि अन्य मामलों में सत्यापन की प्रक्रिया जारी है।

विभाग फिलहाल अपात्र लोगों को स्वेच्छा से राशन कार्ड से अपना नाम हटाने का अवसर देने पर जोर दे रहा है। ऐसे लोगों को अपनी पात्रता की समीक्षा कर नाम हटाने के लिए कहा जाएगा। इसके बावजूद यदि कोई अपात्र व्यक्ति सरकारी राशन का लाभ लेता रहता है, तो नियमों के तहत कार्रवाई की जा सकती है। कुछ मामलों में गलत तरीके से लिए गए लाभ की राशि की वसूली और जुर्माने का प्रावधान भी लागू हो सकता है।

जांच में खास तौर पर 6 लाख रुपये से अधिक वार्षिक आय वाले राशन कार्डधारकों की पात्रता की जांच की जा रही है। रांची के लगभग सभी वार्डों से ऐसे मामले सामने आने की जानकारी है।

इसके अलावा कुछ ऐसे मामले भी मिले हैं, जहां राशन लेने के बजाय अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए राशन कार्ड बनवाया गया। इनमें आयुष्मान कार्ड बनवाने के लिए राशन कार्ड के इस्तेमाल की जानकारी भी सामने आई है। विभाग सत्यापन पूरा होने के बाद पात्रता के आधार पर आगे की कार्रवाई करेगा।