झारखंड में 13-14 जुलाई को भारी बारिश का अलर्ट, कई जिलों में वज्रपात की चेतावनी

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रांची: झारखंड में मानसून की गतिविधियां तेज होने लगी हैं। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 13 और 14 जुलाई को राज्य के कई जिलों में भारी बारिश, वज्रपात और तेज गर्जन के साथ बारिश की चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने और आवश्यक सावधानी बरतने की अपील की है।

मौसम विभाग के अनुसार 10 से 12 जुलाई के बीच राज्य के विभिन्न हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। इस दौरान कई जिलों में गरज के साथ वज्रपात भी हो सकता है। लोगों को सलाह दी गई है कि बिजली चमकने के समय खुले मैदान, पेड़ों, बिजली के खंभों और जलाशयों के पास जाने से बचें।

13 जुलाई को संताल परगना और कोल्हान के कई जिलों में भारी बारिश की संभावना जताई गई है। देवघर, दुमका, गिरिडीह, जामताड़ा, पाकुड़, गोड्डा और साहिबगंज के अलावा धनबाद, पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम और सरायकेला-खरसावां में भी भारी वर्षा और वज्रपात की चेतावनी जारी की गई है। इन जिलों के प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग को भी सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।

14 जुलाई को रांची सहित मध्य और पश्चिमी झारखंड के कई जिलों में प्रभाव देखने को मिल सकता है। पलामू, गढ़वा, चतरा, लातेहार, रांची, बोकारो, गुमला, हजारीबाग, खूंटी, रामगढ़, लोहरदगा और कोडरमा में भारी बारिश और वज्रपात का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग के अनुसार 15 और 16 जुलाई को भी राज्य के कई हिस्सों में बारिश और गरज-चमक का दौर जारी रह सकता है।

पिछले 24 घंटे में चतरा के हंटरगंज में सबसे अधिक 75.5 मिमी वर्षा दर्ज की गई। वहीं कोलेबिरा में 33.2 मिमी और सिमडेगा में 25.6 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। दूसरी ओर, बोकारो थर्मल राज्य का सबसे गर्म स्थान रहा, जहां अधिकतम तापमान 33.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। जबकि रांची के नामकुम में न्यूनतम तापमान 22 डिग्री सेल्सियस रहा।

राजधानी रांची में अगले सात दिनों तक आसमान में बादल छाए रहने और रुक-रुक कर हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। अगले तीन दिनों तक तापमान में विशेष बदलाव की उम्मीद नहीं है, जबकि इसके बाद अधिकतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट आ सकती है।

मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, 1 जून से 10 जुलाई तक झारखंड में 179.1 मिमी वर्षा हुई है, जबकि सामान्य वर्षा 285.6 मिमी होनी चाहिए थी। इस तरह राज्य में अब तक सामान्य से 37 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है। विभाग का अनुमान है कि आगामी दिनों में बारिश की गतिविधियां बढ़ने से इस कमी में कुछ सुधार हो सकता है।