झारखंड सरकार में कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता मंत्री Shilpi Neha Tirkey ने सरना, सनातन और डीलिस्टिंग को लेकर चल रही राजनीतिक बहस के बीच भारतीय जनता पार्टी और Rashtriya Swayamsevak Sangh पर तीखा हमला बोला है।


मंत्री ने कहा कि देश किसी दल या व्यक्ति विशेष की वैचारिक जिद और फरमान से नहीं, बल्कि संविधान से चलता है। उन्होंने आरएसएस को एक आनुषंगिक संगठन बताते हुए कहा कि भारत की लोकतांत्रिक व्यवस्था की सबसे बड़ी ताकत उसका संविधान है।
उन्होंने आगे कहा कि भारतीय संविधान की मूल आत्मा धर्मनिरपेक्षता है, जो हर नागरिक को अपनी अंतरात्मा के अनुसार किसी भी धर्म, पंथ और आस्था को मानने, उसका पालन करने और प्रचार करने का मौलिक अधिकार देता है।
मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने स्पष्ट किया कि भारत की विविधता और लोकतंत्र इसी संवैधानिक व्यवस्था पर आधारित है, और इसे किसी भी तरह की वैचारिक दबाव से कमजोर नहीं किया जा सकता।

