काठमांडू : नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनाल भारत की यात्रा पूरी करने के कुछ ही दिनों बाद चीन पहुंच गए हैं। मार्च में उनकी पार्टी की चुनावी जीत के बाद यह चीन का उनका पहला आधिकारिक दौरा है। इस दौरान उन्होंने चीन के विदेश मंत्री वांग यी से मुलाकात की। यह दौरा ऐसे समय हो रहा है जब नेपाल भारत और चीन के बीच अपने संबंधों में संतुलन बनाने की कोशिश कर रहा है।


हाल के महीनों में नेपाल में सत्ता परिवर्तन के बाद क्षेत्रीय कूटनीति को लेकर नई चर्चा शुरू हुई है। भारत के साथ लंबे समय से चले आ रहे सीमा विवाद के बावजूद खनाल ने हालिया भारत दौरे में दोनों देशों के रिश्तों को बेहतर बनाने की इच्छा जताई थी। उन्होंने कहा था कि नई सरकार पुराने राजनीतिक बोझ से मुक्त होकर आगे बढ़ना चाहती है।
चीन में हुई बातचीत के दौरान वांग यी ने नेपाल की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता के समर्थन की बात दोहराई। साथ ही बिजली, सड़क, बंदरगाह और विमानन जैसे बुनियादी ढांचा क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया गया। नेपाल और चीन के बीच बेल्ट एंड रोड परियोजनाओं की प्रगति लंबे समय से वित्तीय और क्रियान्वयन संबंधी मतभेदों के कारण धीमी रही है, जिस पर भी चर्चा होने की संभावना है।

